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बीआरजीएफ के लिए तकनीकी संस्थाओं को जिले आवंटित

पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि कार्यक्रम के अन्तर्गत जिला योजना बनाने के लिए तकनीकी सहायता देने वाली संस्थाओं को जिलों का आवंटन कर दिया गया है। परियोजना निदेशक सुघन चन्द्र चन्दोला ने इन संस्थाओं से अपेक्षा की है कि वे सम्बंधित अधिकारियों के सहयोग से पंचायतों और नगर निकायों की वर्ष 2007-08 तथा 2008-0ी वार्षिक जिला योजना तथा 11 वीं पंचवर्षीय योजना काल की दीर्घ योजना तैयार करा लें।ड्ढr कृषि वित्त निगम(एएफसी) को बाराबंकी, बस्ती, लखीमपुर खीरी, जौनपुर, संत कबीर नगर सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, गोण्डा, जालौन, कौशाम्बी, फतेहपुर, बदायूं, एटा तथा फरुखाबाद जिले आवंटित किए गए हैं। दिल्ली की संस्था ‘प्रिया’ को बहराइच, बांदा, प्रतापगढ़, हमीरपुर, सोनभद्र, सीतापुर, मिर्जापुर, अम्बेडकरनगर, बलरामपुर तथा श्रावस्ती, ‘एफरो’ को चत्रिकूट और महोबा, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान (एनआईआरडी) हैदराबाद को आजमगढ़, ललितपुर, चन्दौली, हरदोई, कुशीनगर तथा गोरखपुर और नाबार्ड को रायबरेली और उन्नाव जिले आवंटित किए गए हैं। निकायांे की पंचवर्षीय योजना के लिए जिलों का आवंटन पूराड्ढr राज्य मुख्यालय (वसं)। प्रदेश सरकार ने नगर निकायों और पंचायतों की वार्षिक 11वीं पंचवर्षीय योजना के दीर्घ नियोजन के लिए जिले आवंटित कर दिए हैं। सरकार ने वर्ष 2008-0ी वार्षिक एवं 11वीं पंचवर्षीय योजना को तैयार करने की जिम्मेदारी प्रिया, एफरो, कृषि वित्त निगम, एनआईआरडी और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक को दी है।ड्ढr पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि के परियोजना निदेशक सुधन चंद्र चंदोला ने बताया कि इस निधि के अंतर्गत रायबरेली, उन्नाव का काम नाबार्ड को, आजमगढ़, ललितपुर, चंदौली, हरदोई, कुशीनगर एवं गोरखपुर का काम एनआईआरडी को बहराइच, बांदा, प्रतापगढ़, हमीरपुर, सीतापुर, मिर्जापुर, अम्बेडकर, बलरामपुर एवं श्रावस्ती जिलांे का काम प्रिया को, चित्रकूट और महोबा के कार्य की जिम्मेदारी एफरो को, बाराबंकी, एटा, बस्ती, बदायूँ, जौनपुर जालौन और लखीमपुर की जिम्मेदारी एएफसी को सौंपी गई है।

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