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गुर्जरों को भी मिले जनजाति आरक्षण : मायावती

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने रविवार को यहां भाईचारा बनाआे महारैली के जरिये राजस्थान में अपना चुनावी अभियान शुरू किया और उन्होंने गुर्जरों को जनजाति आरक्षण दिये जाने की वकालत की। दिल्ली की गद्दी पर कब्जे के मद्देनजर दूसरे प्रदेशों में अपनी पार्टी के विस्तार के लिए आतुर मायावती ने मीणाआें की नाराजगी से बचने के लिये एक फामरूला भी सुझाया कि गुर्जरों को जनजाति में जितना प्रतिशत आरक्षण दिया जाए उसी अनुपात में जनजाति आरक्षण का प्रतिशत बढ़ा दिया जाए। रैली में लोगों की भारी तादाद से उत्साहित मायावती ने कहा कि बसपा यहां सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी समाज के सभी वगर्ों को साथ लाना चाहती है। हालांकि मायावती ने उत्तर प्रदेश के अपने सफल ब्राह्मण-दलित फामरूले को दोहराने की बात करते हुए कहा कि उन्होंने अपने दो मंत्रियों अनंत मिश्रा एवं लक्ष्मीनारायण चौधरी को भेजा है ताकि वे क्रमश: ब्राह्मणों एवं जाटों को बसपा के साथ जोड़ें। उन्होंने कहा कि वे दूसरी जातियों के मंत्रियों को भी भजेंगी। सत्ता में आने पर सवर्ण जातियों के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण का लाभ देने के लिये संविधान में संशोधन करवाएंगी व निजी क्षेत्र में पूरी तरह आरक्षण लागू करवाएंगी। उन्होंने भूमिहीन लोगों में बेकार पड़ी सरकारी जमीन बांटने का भी वादा किया। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि केवल बसपा ही समतामूलक समाज की स्थापना कर सकती है, जबकि कांग्रेस और भाजपा धर्म और जाति के नाम पर राज करने की नीति पर चलती हैं। ये दोनों पूंजीपतियों के धनबल से सत्ता में आती हैं इसलिए उन्हीं के हितों को ध्यान में रख कर नीतियां बनाती हैं, जिससे अमीर और अमीर तथा गरीब और गरीब हो रहे हैं। उन्होंने यूपीए सरकार द्वारा सौ दिन की ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना लागू करने की आलोचना करते हुए कहा कि वह सत्ता में आईं तो साल में पूरे 365 दिन का रोजगार देंगी। रैली में मायावती को सोने का मुकुट एवं पार्टी कार्यकर्ताआें से एकत्र की गई 1.05 करोड़ रुपये की राशि भेंट की गई।

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