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पार्टियां तय करेंगी पीएम, मैं नहीं : मुशर्रफ

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा कि सोमवार को हुए मतदान में अगर किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता तो प्रधानमंत्री का चुनाव दल आपसी सहमति से ही करेंगे। मुशर्रफ ने कहा कि इस प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं होगी। उधर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने कहा कि अगर मतदान में धांधली हुई तो देश में व्यापक स्तर पर हिंसा भड़क जाएगी और देश टूट भी सकता है। पीपीपी ने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ धांधली का प्रतिरोध करने की रणनीति भी बना ली है। देश में चुनावों पर नजर रख रही सेंटर फॉर मीडिया एंड डेमोक्रेसी की एक टीम से साथ बातचीत में मुशर्रफ ने शनिवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री चुनने की प्रक्रिया मंे कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों द्वारा चुनावी धांधली की व्यक्त की जा रही आशंकाआें को निमरूल करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाये हैं। जिआे न्यूज चैनल से मुशर्रफ ने कहा कि दुनिया भर के पर्यवेक्षक पाक चुनावों पर नजर गड़ाए बैठे हैं और उन्हें चुनावों के स्वच्छ और स्वतंत्र होने पर नजर रखने के लिए सरकार की आेर से हरसंभव सहायता दी जाएगी। इस बीच लंदन में जरदारी ने विश्वास व्यक्त किया कि वह अपनी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलने के बारे में शत-प्रतिशत आश्वस्त हैं। लेकिन मुशर्रफ को चेतावनी देते हुए उन्हें कहा कि अगर सरकार ने धांधली की तो देशभर में विरोध प्रदर्शन न केवल शुरू हो जाएंगे बल्कि वे बेकाबू भी हो जाएंगे जिसका फल देश की टूट भी हो सकता है। रविवार को प्रकाशित द संडे टाइम्स को एक इंटरव्यू में जरदारी ने कहा ‘अब तक हमने पूरा धैर्य दिखाया है। मेरी पत्नी (पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो) की हत्या हुई, तब भी मैंने लोगों को शांत रखा और उन्हें प्रदर्शन करने से रोका। मैंने कोई हड़ताल भी आयोजित नहीं की। लेकिन मैं आपसे कहे देता हूं कि लोग संघर्ष के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगर चुनाव के दौरान धांधली हुई तो स्थिति हमारे हाथ से निकल जाएगी। हम नहीं चाहते लेकिन हमें प्रदर्शन के लिए उतरना पड़ेगा।’ जरदारी ने कहा ‘मैं अनुभव करता हूं कि बेनजीर की भावना और विश्वास मेरे साथ जुड़ा है और मैं उसे तोडूंगा नहीं। मुझे भय है कि हमें जीतने से रोकने के लिए ही उन्होंने बेनजीर की हत्या की, हम अपनी जिम्मेदारी बाखूबी निभाएंगे। हम बहिष्कार की जगह चुनाव में हिस्सा लेंगे। यह अब उनपर है कि वे हमें स्वतंत्रतापूर्वक काम करने दें। लोग गुस्से में हैं। लोग करो मरो की स्थिति में हैं।’ पीपीपी ने नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (पीएमएल-एन) के साथ मिलकर चुनावों मंे धांधली की स्थिति में कारगर विरोध की रणनीति तैयार की है। पीपीपी के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने कहा ‘हम मतदान के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि सरकार धांधली के लिए कुछ भी कर सकती है।’ सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा होना देश के लिए दुखदायी साबित होगा। बाबार ने कहा कि भुट्टो ने आशंका जतायी थी कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में 15 से 20 हजार तक अवैध मत डाले जाएंगे, और अब यह सही भी साबित हो गयी है जब पीपीपी कार्यकर्ताआें ने सिंध प्रांत से अवैध मतपत्र और मुहरें बरामद की। उन्होंने कहा कि यह सामग्री को पुलिस को सौंप दी गयी है। पीपीपी और पीएमएल-एन के उच्च नेता मंगलवार को चुनाव परिणाम पर गौर फरमाने के लिए मिलेंगे। बाबर ने कहा कि अगर मंगलवार को आनेवाले चुनाव परिणाम के बारे में विश्लेषण करने के बाद अगर धांधली की बात सामने आयी तो प्रतिरोध की ‘समुचित रणनीति’ अख्तियार की जाएगी।

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