अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सहमति के बाद भी अधूरी रही मंत्री व चिकित्सकों की वार्ता

हड़ताल टालने के मुद्दे पर सरकार एवं डाक्टरों के बीच सहमति बन जाने के बावजूद रविवार को स्वास्थ्य मंत्री चन्द्रमोहन राय एवं स्वास्थ्य सेवा संघ की वार्ता अधूरी रही। स्वास्थ्य सेवा संघ को दिये तय समय पर स्वास्थ्य सचिव की अनुपस्थिति के कारण समझौता पत्र पर हस्ताक्षर नहीं हो सका। स्वास्थ्य मंत्री ने अंतिम वार्ता के लिए संघ को सोमवार सुबह दस बजे फिर आमंत्रित किया है। शनिवार को शाम में स्वास्थ्य मंत्री के सरकारी आवास पर सचिव का ढाई घंटे तक इन्तजार करने के बाद स्वास्थ्य सेवा संघ के चार दर्जन सदस्य काफी आक्रोशित हो गये पर स्वास्थ्य मंत्री के आग्रह पर वे वापस आईएमए भवन लौट गए।ड्ढr ड्ढr पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए संघ के प्रवक्ता डा. रंजीत कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा डायेनेमिक एसीपी स्वीकृत करने के प्रारूप में शब्दों के उलट-फेर करने से मामला अटक गया। संघ की मांग है कि सूबे के डाक्टरों को 1.1.1से डायनेमिक एसीपी का लाभ मिले और इसकी अधिसूचना 31 मार्च के पहले जारी कर दी जाए। स्वास्थ्य मंत्री इसपर तैयार हैं और सोमवार सुबह इसी प्रारूप पर संघ और सरकार के बीच समझौता होगा। स्वास्थ्य निदेशालय की सुदृढ़ता, राज्य स्वास्थ्य समिति की शक्ित में कमी, विभाग में नौकरशाही की पकड़ कम करना, विशेषज्ञ कैडर की स्थापना, ग्रामीण पदस्थापन में अतिरिक्त भत्ता, आयुष विधा के डाक्टरों को सामान्य डाक्टरों के समकक्ष सुविधाएं, कैडर नियमावली का गठन, प्रमंडलीय स्तर पर थोक स्थानांतरण पर रोक समेत डाक्टरों की अन्य मांगों को मानने के लिए सरकार पहले से ही तैयार है। केन्द्रीय वेतनमान देने के मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री ने अगले वित्तीय वर्ष में विचार करने का आश्वासन दिया है। हालांकि डा. रंजीत ने कहा कि सोमवार को सरकार अपने बात से हटेगी तो 21 से बेमियादी हड़ताल तय है। इसके पूर्व आईएमए भवन में संघ की विस्तारित कार्यसमिति की बैठक हुई और सभी सदस्य समझौता करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री के आवास पर पहुंच गये।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: सहमति के बाद भी अधूरी रही मंत्री व चिकित्सकों की वार्ता