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देवड़ा ने रसोई गैस मुद्दे पर मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा ने रसोई गैस मुद्दे पर विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को एक पत्र लिखा है तथा उनसे रसोई गैस की किल्लत से जूझ रहे आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए हरसंभव मदद करने को कहा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, श्री देवड़ा ने इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से दिल्ली सरकार के कदमों का अनुसरण करने को कहा है जिसने पिछले कुछ दिनों में कई जगहों पर छापे मारकर, खासकर, दिल्ली में रसोई गैस की विकराल होती स्थिति को सुधारने में अहम भूमिका निभाई। सूत्रों ने बताया कि श्री देवड़ा ने सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों प्रमुख तेल विपणन कंपनियों के प्रमुखों को भी इसमें सहयोग करने को कहा तथा उन्होंने भी अपनी तरफ से मदद करने का भरोसा दिलाया। उल्लेखनीय है कि इस साल जाड़े के मौसम के अप्रत्याशित रूप से बेहद लंबा हो जाने के कारण तथा स्थानीय स्तर पर कालाबाजारी किए जाने के कारण न केवल दिल्ली में बल्कि लगभग पूरे उत्तर भारत में रसोई गैस सिलेंडर की काफी कमी हो गई थी। रसोई गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग किए जाने, सिलेंडरों से गैस निकाले जाने से लेकर गैस की बुकिंग न किए जाने तथा बुकिंग के बाद भी तीन-तीन हफ्तों तक सिलेंडर की आपूर्ति बाधित हो गई थी। सामान्य तौर पर सर्दी के मौसम में रसोई गैस की मांग आम महीनों के मुकाबले 5 से 6 प्रतिशत तक बढ़ती है लेकिन इस बार यह अचानक 10 से 11 प्रतिशत तक बढ़ गई। पेट्रोलियम कंपनियों के सिलेंडर में गैस भरने वाले संयंत्रों में इतनी मांग के लिहाज से व्यवस्था नहीं होने के कारण आपूर्ति में बाधा आई। कमर्शियल सिलेंडर और घरेलू सिलेंडर के दाम में भारी अंतर होने की वजह से घरेलू सिलेंडर का दुरुपयोग हुआ।। कमर्शियल सिलेंडर 1100 से 1200 रुपए में बिकता है जबकि घरेलू सिलेंडर 300 से 350 रुपए के दाम पर उपलब्ध है। सूत्रों ने बताया कि रसोई गैस मांग को पूरा करने के लिए इसका बड़े पैमाने पर आयात हो रहा है। इस साल एलपीजी का 27 लाख टन आयात किया गया।

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  • Web Title: रसोई गैस मुद्दे पर देवड़ा का मुख्यमंत्रियों को पत्र