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नौकरशाही नहीं चाहती सूचना आम लोगों तक पहुंचे

राज्य संसाधन केंद्र आद्री के तत्वावधान में ‘साक्षरता और सूचना का अधिकार’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला सोमवार से शुरू हुई। जन शिक्षा के संयुक्त निदेशक मेघु साद ने कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सारक्षरता से जुड़े लोग सूचना के अधिकार को आम आदमी तक पहुंचाने में सबसे बड़ा माध्यम हो सकते हैं। जन शिक्षण संस्थान आद्री के निदेशक डा. विकास चंद्र जयपुरियार ने अपने संबोधन में कहा कि नौकरशाही नहीं चाहती है कि सूचना आमलोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार के तहत जो सबसे नीचे पायदान पर है वह भी इसका उपयोग कर सकता है और अपने अधिकार और कर्तव्य को जान सकता है।नेहरू युवा केंद्र पटना के समन्वयक नरेंद्र राय ने सूचना का अधिकार के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि कुछ संवेदनशील सूचनाएं हैं जो गोपनीय रखने लायक हैं।ड्ढr ड्ढr पीपुल्स वाच पटना के अधिवक्ता उदय कुमार ने लोकसूचना पदाधिकारी के दायित्वों एवं शतरे पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोकसूचना पदाधिकारी को 30 दिन के अंदर ही सूचना देनी है। निर्धारित समय पर सूचना नहीं देने पर 250 रुपए की दर से प्रत्येक दिन दंड का भुगतान करना होगा। कार्यशाला को जन शिक्षा निदेशालय के उप निदेशक आेम प्रकाश शुक्ला और आद्री के मुख्य समन्वयक बीएन पटनायक ने भी संबोधित किया।ं

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