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१५० की रफ्तार से दौड़ सकती है ब्रह्मपुत्र मेल

यात्रियों को समय पर गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के मकसद से नई दिल्ली-गुवाहाटी ब्रह्मपुत्र मेल में 5000 एचपी का डीजल इंजन जोड़ा गया है। पटना से गुजरने वाली किसी भी अन्य ट्रेनों में इतनी क्षमता का इंजन नहीं लगा है। हालांकि देश के अन्य क्षेत्रों में लंबी दूरी की ट्रेनों में इतनी क्षमता वाले इंजनों का प्रयोग पहले से किया जा रहा है। इस विशेष इंजन का नाम है डब्ल्यू डी पी फोर, जिसकी क्षमता आम इंजनों से दोगुना होती है। यह इंजन 24 बोगियों वाली ट्रेनों को 150 किमी प्रति घंटे से भी अधिक तेज गति से खींच सकता है। हालांकि उसकी पूरी क्षमता का प्रयोग नहीं किया जाता है। एनएफ रेलवे ने इस इंजन को ब्रह्मपुत्र मेल में जोड़ा है।ड्ढr ड्ढr ब्रह्मपुत्र मेल 24 बोगियों की ट्रेन है और काफी लंबी दूरी तय करती है। औसत क्षमता वाले डीजल इंजन के द्वारा इस ट्रेन के परिचालन में परेशानी हो रही थी। कई बार इंजन भी फेल कर जाता था। इसी कारण से ब्रह्मपुत्र मेल में डब्ल्यू डी पी फोर इंजन जोड़ा गया है। इस इंजन की बनावट भी अलग है। इंजन के अगले हिस्से में जालीनुमा घेरा है, जिससे हवा का प्रवाह अंदर तक होता है और इंजन गर्म नहीं होता। आम ट्रेनों में डब्ल्यू डी एम टू, थ्री, फोर आदि नाम के डीजल इंजन जोड़े जाते हैं, जो 2400 से 3100 एचपी तक के होते हैं। लंबी दूरी व 18 से अधिक बोगियों वाली ट्रेनों में चार हजार से अधिक क्षमता वाले इंजन की आवश्यकता होती है। इसलिए पटना से गुजरने वाली लंबी दूरी की कुछ ट्रेनों में दो-दो डीजल इंजन को जोड़ना पड़ता है। दो डीजल इंजन से चलने वाली ट्रेनों में श्रमजीवी एक्सप्रेस व सूरत-भागलपुर आदि हैं।

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