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14 माह में 13 आरोपितों को फांसी

‘स्पीडी ट्रायल’ अपराधियों के गले की फांस बन गया है। बाहुबली हो या राजनीतिज्ञ, लुटेरा हो या मोस्ट वांटेंड सरगना, नक्सली हो या अपहर्ता- सभी पर गाज गिरने का सिलसिला आरंभ हो चुका है। किसी को आजीवन कारावास तो किसी को सजा-ए-मौत (फांसी)। किसी को 10 वर्ष की कैद तो किसी को दो- तीन वर्ष के लिए जेल। जैसा जुर्म वैसी सजा। मगर बच कोई नहीं पा रहा है।ड्ढr ड्ढr अपराधियों के खिलाफ पटना पुलिस द्वारा आरंभ किए गए अभियान ने राज्य के अपराध जगत के होश उड़ा दिये हैं। इसकी वजह है महज 14 महीने में ही 13 आरोपितों को फांसी और 204 को आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। फांसी की सजा पाने वालों में पूर्व सांसद आनंद मोहन, पूर्व विधायक अखलाक अहमद, प्रो. अरुण कुमार व अन्य से लेकर पीपुल्सवार ग्रुप के तीन उग्रवादी भी शामिल हैं। वहीं आजीवन काारावास पाने वालों की फेहरिस्त में राजद सांसद पप्पू यादव, पूर्व विधायक लवली आनंद, राजन तिवारी, विधायक मुन्ना शुक्ला समेत अन्य नाम शामिल हैं। पटना पुलिस मुख्यालय के डीएसपी चंद्रशेखर विद्यार्थी ने मंगलवार को बताया कि बीते करीब साढ़े 13 महीनों में स्पीडी ट्रायल के तहत 7अभियुक्तों को कोर्ट से सजा दिलाई जा चुकी है। पिछले वर्ष 2007 में कुल 737 आरोपितों को सजा मिली थी। इनमें 17आरोपितों को आजीवन कारावास जबकि दस को फांसी की सजा सुनाई गई।ड्ढr ड्ढr फिरौती के लिए अपहरण करने वाले आधा दर्जन पेशेवर अपहर्ता भी इस सूची में शामिल हैं, जिन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली है। साथ ही आर्म्स एक्ट के तहत 200 आरोपितों को सजा मिली। इस वर्ष अब तक 60 अभियुक्तों को विभिन्न प्रकार की सजा कोर्ट ने सुनाई है। इनमें तीन आरोपितों को फांसी और 25 को आजीवन कारावास की सजा मिली। फिलवक्त पूर्व मंत्री वृजबिहारी हत्याकांड के अलावा पापिया घोष हत्याकांड, प्रसिद्ध चिकित्सक डा. रमेश चंद्रा अपहरण कांड, महिला जज के घर लूटपाट व हत्याकांड और पूर्व राज्यपाल भीष्म नारायण सिंह के नाती विक्रांत के अपहरण का मामला पुलिस की प्राथमिकता सूची में ऊपर है। सीवान में हुआ चंद्रशेखर हत्याकांड भी इसी फेहरिस्त में है।ड्ढr इन मामलों में जल्द ही कोर्ट का फैसला आने की उम्मीद है। जिसमें अन्य बाहुबलियों व अपराधियों के साथ लोजपा सांसद सूरजभान, जद (यू) विधायक शशि कुमार राय, मुन्ना शुक्ला, राजद सांसद शहाबुद्दीन, पूर्व विधायक राजन तिवारी आदि के भाग्य का फैसला होगा। इनमें मुन्ना शुक्ला को पहले ही जिलाधिकारी जी. कृष्णया हत्याकांड में जबकि विधायक अजित सरकार हत्याकांड में राजन तिवारी को कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।ड्ढr इन महत्वपूर्ण मामलों में फैसला आने के बाद इनामी सरगना नागा सिंह समेत कई अन्य दुर्दातों पर शिंकजा कसने के लिए पुलिस कानूनी घेराबंदी तेज करेगी।ं

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