DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

वनस्पति में खाद्य तेल उपयोग की शर्त समाप्त

खाद्य तेलों की कीमतों में आ रही भारी तेजी पर काबू पाने के लिए सरकार ने वनस्पति उद्योग पर लागू 12 फीसदी घरेलू खाद्य तेल उपयोग करने की शर्त समाप्त कर दी है। सरकार में उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर कहा गया है कि वनस्पति उद्योग घरेलू या आयातित खाद्य तेल उपयोग करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है। वहीं आगामी साल (2008-0े बजट में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम खाद्य तेलों पर सीमा शुल्क में कटौती करने का कदम भी उठा सकते हैं ताकि कीमतों पर अंकुश लगाया जा सके। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने वनस्पति उद्योग को यह छूट इसलिए दी है ताकि घरेलू बाजार में खाद्य तेलों की मांग पर दबाव न रहे। सरकार के इस कदम के चलते 12 जून 2000 में लागू की गई घरेलू खाद्य तेलों के उपयोग की शर्त के कोई मायने नहीं रह गई हैं। सरकार ने वनस्पति उद्योग पर कच्चे माल के रूप में 25 फीसदी घरेलू खाद्य तेल उपयोग करने की शर्त लागू की थी। इसके बाद 21 अप्रैल, 2003 को इसे घटाकर 12 फीसदी कर दिया गया था। लेकिन उसके बाद सरसों किसानों की दिक्कत बढ़ने पर नाफेड द्वारा बड़ी मात्रा में सरसों की खरीद की गई थी। जिसके चलते 3 जुलाई, 2006 में सरकार ने 12 फीसदी खाद्य तेलों के साथ वनस्पति उत्पादकों पर 20 फीसदी सरसों तेल इस्तेमाल करने की भी शर्त लागू की थी। पिछले दिनों इस 20 फीसदी सरसों तेल की शर्त को समाप्त कर दिया गया था। वहीं अगले चरण में बुधवार को बकाया 12 फीसदी घरेलू खाद्य तेल उपयोग की शर्त को भी समाप्त कर दिया गया। खाद्य तेलों की कीमतों पर अंकुश लगाने के मकसद से सरकार ने पिछले दो साल में कई बार सीमा शुल्क दरों में कटौती की है। वहीं पिछले एक साल से भी अधिक समय से इनकी टैरिफ रेट वैल्यू में कोई बदलाव नहीं किया है जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिकांश खाद्य तेलों की कीमतें दो गुना तक बढ़ चुकी हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: वनस्पति में खाद्य तेल उपयोग की शर्त समाप्त