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‘दाऊद पकड़ा तो सजा में मुश्किलें’

मुंबई बम कांड के आरोपित फिल्म अभिनेता संजय दत्त के अंतरराष्ट्रीय माफिया दाऊद से रिश्ते साबित क्यों नहीं हो पाए..क्योंकि भारतीय पुलिस दुबई सरकार से यह प्रमाणपत्र नहीं ले पाई कि वहां के जिस फोन नंबर पर संजू की बात हुई..वह अनीस इब्राहिम का ही था.। छह सौ आठ मामलों मंे अपराधियों को आजीवन कारावास और 27 को फांसी की सजा दिला चुके महाराष्ट्र सरकार के विशेष लोक अभियोजक उज्ज्वल निकम बुधवार को लखनऊ में थे। वह मुंबई बम कांड, प्रमोद महाजन हत्याकांड और गेट वे ऑफ इंडिया बम कांड जैसे हाई प्रोफाइल मामलों में मुकदमे लड़ने वाले देश के ऐसे अकेले सरकारी वकील हैं जिन्हें जेड प्लस सुरक्षा मिली है। ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि बड़ी आतंकवादी घटनाआें और अन्य महत्वपूर्ण अपराधों में सरकारी वकील को पुलिस की विवेचना के स्तर पर ही जोड़ लिया जाए तो विवेचना बेहतर हो सकती है। उनके मुताबिक, अभी तो अगर किसी दूसरे मुल्क में दाऊद को पकड़ भी लिया जाए तो उसे भारत लाकर सजा दिला पाना बेहद मुश्किल होगा, क्योंकि प्रत्यर्पण कानून व संधि में काफी कमियां हैं। निकम का कहना है कि अगर आतंकवाद और माफिया पर काबू पाना है तो भारत सरकार को प्रत्यर्पण संधियों और कानून में बदलाव करने होंगे। अबू सलेम का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया, ‘पुर्तगाल सरकार ने उसे इस शर्त के साथ सौंपा है कि फांसी नहीं दी जाएगी.अब उसे यहां अधिकतम 25 साल की सजा हो सकती है..अब लचर प्रत्यर्पण संधि और कानूनों का वह बेजा फायदा उठा रहा है।’ निकम के मुताबिक अभी तक ठीक से केस का ट्रायल भी नहीं शुरू हो पाया।

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