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अंतरराष्ट्रीय मसीही प्रचारक दीनाकरण का निधन

अंतरराष्ट्रीय मसीही सुसमाचार प्रचारक डीजीएस दीनाकरण का निधन बुधवार को सुबह 6.30 बजे चेन्नई के अपोलो अस्पताल में हो गया। वह 74 वर्ष के थे। मौके पर उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे। डॉ दीनाकरण को हृदय और किडनी में तकलीफ के कारण 2जनवरी को अस्पताल में भरती कराया गया था। तमिलनाडू के मुख्यमंत्री एम करुणानिधि ने भी उन्हें श्रद्धाजंलि दी।ड्ढr झारखंड के उप मुख्यमंत्री स्टीफन मरांडी और उनकी पत्नी सुहासिनी बेसरा उन्हें श्रद्धाजंलि देने गुरुवार को चेन्नई रवाना होंगे। डॉ दीनाकरण का अंतिम संस्कार 22 फरवरी को चेन्नई में होगा। सीएनआइ छोटानागपुर डायसिस के बिशप बीबी बास्के, पटना डायसिस के बिशप पीपी मरांडी, बिशप जेडजे तेरोम और जीइएल चर्च के मोडरेटर बिशप नेल्सन लकड़ा सहित कई धर्म गुरुआें ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।ड्ढr डॉ दीनाकरण का जन्म एक जुलाई 1ो हुआ था। वह वर्ष 1से सेवकाई के कायरे से जुड़े। इससे पूर्व वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में वरीय पदाधिकारी थे। दो मार्च 1ो उन्होंने फीबा रेडियो पर अपना पहला संदेश दिया। वर्ष 1में अपनी पहली विदेश यात्रा पर वे श्रीलंका गये और उसी वर्ष जीसस कॉल्स पत्रिका की शुरूआत की।ड्ढr वर्ष 1में कारुण्या संस्थान की स्थापना की, जिसे 2004 में विश्वविद्यालय का दर्जा मिल चुका है। इसके द्वारा रांची में शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है। डॉ दीनाकरण के कार्यक्रमों का प्रसारण सब टीवी, इटीसी और सूर्या समेत कई टीवी चैनलों पर किया जाता है। यीशु बुलाता है मिनिस्ट्री के माध्यम से उन्होंने देश-विदेश में कई स्थानों पर सुसमाचार का प्रचार किया।ड्ढr वह इसी वर्ष रांची में मई में होनेवाले प्रार्थना महोत्सव में शामिल होकर पूर्वी भारत के तीसरे प्रेयर टावर की शुरूआत करनेवाले थे। उनकी स्मृति में रांची में एक मार्च को सर्वकलीसियाई शोक सभा का आयोजन किया गया है।ं

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