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तसलीमा की मुक्ित के लिए हस्ताक्षर अभियान

देश भर के 100 से अधिक लेखकों ने बंगलादेश की लेखिका तसलीमा नसरीन को नजरबंदी से मुक्त कराने के लिए सरकार पर फिर दबाव बनाया है। बुधवार को साहित्य अकादमी पुरस्कार समारोह के मौके पर जाने-माने लेखकों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर तसलीमा को भारत की नागरिकता प्रदान करने तथा उन्हें स्वतंत्र होकर रहने देने की सरकार से मांग की। कुछ दिन पहले ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता महाश्वेता देवी तथा बुकर पुरस्कार विजेता अरूधति राय समेत 100 से अधिक लेखकों, बुद्धिजीवियों ने राजधानी में एक प्रेस कांफ्रेस कर सरकार से तसलीमा को भारत की नागरिकता प्रदान करने तथा उन्हें मुक्त करने की मांग की थी। साहित्य अकादमी की पत्रिका ‘समकालीन भारतीय साहित्य’ के संपादक गिरधर राठी द्वारा गुरुवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अकादमी की फैलो कृष्णा सोबती, केन्द्रीय लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के सदस्य एवं प्रसिद्ध लेखक पुरुषोत्तम अग्रवाल, केदारनाथ सिंह, विष्णु खरे, प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, प्रो. हरीश त्रिवेदी और अशोक वाजपेयी समेत 100 से अधिक लेखकों ने एक बयान पर हस्ताक्षर कर सरकार से तसलीमा को मुक्त करने की मांग की है। इन लेखकों ने यह भी कहा है कि वह तसलीमा से मिलना चाहते हैं, पर सरकार उन्हें मिलने की अनुमति भी नहीं देती। बयान में कहा गया है कि तसलीमा के समर्थन में लेखकों का हस्ताक्षर अभियान देश भर में जारी रहेगा और विदेशों में भी इस अभियान को चलाया जाएगा।

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  • Web Title: तसलीमा की मुक्ित के लिए हस्ताक्षर अभियान