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जरदारी-पैटरसन भेंट से पाक में रोष

पाकिस्तान के आम चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में उभरे पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी के अमेरिकी राजदूत अने डब्ल्यू पैटरसन से मुलाकात पर देश मंे नाराजगी फैल गयी है। अब हर किसी की नजर इस बैठक पर है। जाहिर है कि बुधवार को जरदारी खुद चलकर अमेरिकी राजदूत के घर गये और बातचीत की। इस बीच इन खबरों के बीच कि अमेरिका पाकिस्तान में एक ऐसी सरकार चाहता है जो राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के साथ मिलकर काम करे, अमेरिका ने स्पष्ट किया कि वह इस तरह के किसी झमेले में नहीं पड़ना चाहता और यह पाकिस्तान की जनता का काम है कि वह कैसी सरकार चाहती है। अमेरिका ने कहा कि वह मुशर्रफ और वहां बनने वाली सरकार को हरसंभव सहयोग करता रहेगा। पाकिस्तान के एक थिंक टैंक माने जानेवाले ‘इंस्टीटय़ूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज’ की निदेशक शिरीन मजारी ने कहा ‘क्या आपने कभी सुना है कि विपक्ष मंे रहते हुए भी कभी सोनिया गांधी अमेरिकी राजदूत से मिलने अमेरिकी दूतावास गयीं हों?’ शिरीन ने ‘द न्यूज’ अखबार से कहा ‘मैं समझती हूं कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक बड़ी पार्टी का नेता अपने राजनीतिक साझीदारों से मिलने से पहले अमेरिकी राजदूत से मिलना अति आवश्यक समझे और वहां चला जाए। मैं राजनयिकों से मुलाकात को गलत नहीं मानती लेकिन राजनयिकों को आकर नेताआें से मिलना चाहिए।’ अखबार के संपादकीय में ‘काउंसल अनकॉल्ड फॉर’ शीर्षक से जरदारी-पैटरसन मुलाकात पर कहा गया है ‘यह पाकिस्तान के लिए दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है जो देश में वषरे में चली आ रही है। यह है अमेरिका के सामने खुद समर्पण भाव से बिछ जाना। इससे वाशिंगटन को भी देश की संप्रभुता और इसके मामलों में हस्तक्षेप करने की पूरी छूट मिल जाती है। निश्चित तौर पर इससे पाकिस्तान की आम अवाम में भी नाराजगी भड़क गयी है। इस घटना से उनके मन में अमेरिकियों और विदेशियों के प्रति घृणा व्याप्त है। अगर वे यहां लोकतंत्र को सही रास्ते पर आना देखना चाहते हैं तो उन्हें इस मुद्दे पर पाकिस्तानियों को ही हल खोजने देना चाहिए।’ं

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  • Web Title: जरदारी-पैटरसन भेंट से पाक में रोष