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बजट के सब्जबाग से सियासत गरमाई

आम बजट की प्राथमिकताआें पर वित्तमंत्री पी. चिदंबदरम को कांग्रेस की आेर से दिए जा रहे खास टिप्स और यूपी की मुख्यमंत्री मायावती के साथ खराब हुए रिश्तों को दुरुस्त करने की कांग्रेस आलाकमान की कोशिशों को लेकर यूपीए में सरगर्मी तेज है। क्या कांग्रेस इस बार लोक-लुभावन बजट पेश कर आम चुनावों के लिए कमर कसने जा रही है। मायावती से दोस्ती का हाथ बढ़ाने में कांग्रेस आलाकमान इतनी हड़बड़ी में क्यों है। ये कुछ सवाल हैं जो कांग्रेस की भावी रणनीति को लेकर पूछे जा रहे हैं। रायबरेली के दौरे पर गईं सोनिया ने बुधवार को यह कहकर बजट उम्मीदों से जुड़ी अटकलों को तेज कर दिया कि महिलाआें व किसानों के लिए बजट में कुछ खास होने की उम्मीद है। सोनिया ने ‘आम आदमी के साथ कांग्रेस का हाथ’ नारे की भी याद दिलाई और कहा कि बजट में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ नया होगा। उधर कांग्रेस के प्रबंधकों को इस बात का पूरा अहसास है कि बजट चाहे कितना ही अच्छा हो, आने वाले दिनों में कांग्रेस पर वाम दलों व तीसरे मोर्चे के हमले तेज होंगे। इस बीच कांग्रेस महासचिव जयंती नटराजन ने बताया है कि केंद्रीय महिला व बाल विकास राज्यमंत्री रेणुका चौधरी व केंद्रीय मंत्री मीरा कुमार के साथ कई महिला प्रतिनिधियों ने वित्तमंत्री से मुलाकात कर आर्थिक संकट की वजह से आत्महत्या करने वाले किसानों की विधवाआें के कर्ज माफ किए जाने की मांग की। साथ ही यह सुझाव भी दिया कि 50 वर्ष की आयु वाली महिलाआें के लिए बीमा योजना में रियायत दी जाए। तीसरे मोर्चे और माकपा के बीच चुनाव के पहले चल रही जुगलंबदी पर कांग्रेस की खास निगाह है। इसीलिए मायावती से सियासी रिश्तों को डोर को बांधे रखना कांग्रेस को समझदारी भरा कदम लग रहा है। हालांकि कांग्रेस के यूपी मामलों के प्रभारी दिग्विजय सिंह का कहना है कि सोनिया जी की मायावती से मुलाकात का कोई सियासी अर्थ नहीं लगाया जाना चाहिए।

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