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नए परिसीमन से निर्वाचन क्षेत्रों का स्वरूप आठ दिन में होगा तैयार

नए परिसीमन के अनुसार अब चुनाव की तैयारियों के दृष्टिकोण से निर्वाचन क्षेत्रों का स्वरूप क्या होगा इसके नमूने अगले आठ दिनों में तैयार कर लिए जाएंगे। कितने वोटर होंगे? बदले स्वरूप में उनकी मतदान संख्या क्या होगा? कितने वोटर अब दूसरे मतदान क्षेत्रों में चले जाएंगे? इसकी तमाम तस्वीर चुनाव आयोग के सामने होगी। इसके लिए ‘को-रिलेशन चार्ट’ को तैयार किया जा रहा है। आयोग ने सभी जिलों को हर हाल में 2रवरी तक यह चार्ट तैयार कर लेने का निर्देश दिया है।ड्ढr ड्ढr यह महज चार्ट की नहीं बल्कि नए परिसीमन के हिसाब से निर्वाचन क्षेत्रों में किए जाने वाले बदलाव का आधार भी होगा। चुनाव आयोग ने सभी जिलों के एक-एक विधान सभा क्षेत्र में प्रयोग के तौर पर नए परिसीमन के आधार पर खाका तैयार करने की रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। इसके तहत पुराने विधान सभा क्षेत्र और उनके मतदान केन्द्र तथा नए परिसीमन के बाद बदले स्वरूप में मतदान केन्द्रों में क्या अंतर होगा इसके लिए ‘को-रिलेशन चार्ट’ बनाए जा रहे हैं। इसके आधार पर ही नए सिरे से मतदाता सूची भी तैयार की जाएगी। आयोग के सूत्रों के अनुसार चार्ट के जरिए पहली बार यह पता चल पाएगा कि चुनाव के दृष्टिकोण से निर्वाचन क्षेत्रों का स्वरूप अब क्या होगा। कई मतदाता पहली बार दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों में चले जाएंगे जबकि उनका निवास स्थान पुराना ही रहेगा। पुलिस प्रयोगशाला के प्रभारी निदेशक पर विभागीय कार्यवाही का आदेशड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। अपराध को परखने वाली निगाहों की बेशर्म हरकतों से परेशान सरकार ने पुलिस प्रयोगशाला के प्रभारी निदेशक हरिनारायण के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही का आदेश दे दिया है। पुलिस प्रयोगशाला में हैण्ड राइटिंग की जांच होती है और हरिनारायण इसके विशेषज्ञ हैं। उन्हीं के कार्यालय की एक चतुर्थवर्गीय महिला कर्मचारी ने उनपर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा सनसनी फैला दी है।ड्ढr ड्ढr मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग हरकत में आया और अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हरिनारायण पर विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दे दिया है। सीआईडी के आईजी राजेश रंजन और आरक्षी अधीक्षक (सी) बलदेव प्रसाद को विभागीय कार्यवाही को अंजाम तक पहुंचाने की जिम्मेवारी सौंपी गयी है। सूत्रों के अनुसार अनुसूचित जनजाति की उक्त महिला कर्मचारी ने करीब सवा साल पहले अपने बयान में पुलिस प्रयोगशाला के प्रभारी निदेशक हरिनारायण पर बिन्दुवार करीब चौदह गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि मामले की जानकारी गृह विभाग, पुलिस और महकमे को पहले से ही थी और भीतर ही भीतर इसकी जांच करायी जा रही थी। सीआईडी के एक डीएसपी पूरे मामले की छानबीन में लगे थे। तफ्तीश के दौरान 23 नवंबर 2006 को महिला के दर्ज बयान से प्रभारी निदेशक पर लगाए गए आरोपों को जांचकर्ता ने प्रथम द्रष्टया सही बताया। हालांकि महिला के बयान की पुष्टि के लिए विभाग के अन्य कर्मचारियों के भी बयान लिये गए। सूत्रों के अनुसार महिला कर्मचारी के बयान से यह खुलासा हुआ कि प्रभारी निदेशक हर वक्त उसके पीछे पड़े रहते थे।हाथों को गुदगुदाना, मुंह में जबरन मिठाई खिलाना और रंगीन टीवी दिखाने का लालच देकर उसे वह सब करने को कहा गया जिससे मामला यौन उत्पीड़न के दायरे में आ गया। यहां तक कि उसपर फिदा अधिकारी उसे कई बार यह भी बताते रहे कि उनकी ‘पत्नी का वजन कितना बढ़ गया है और उन्हें सुडौल शरीर से कितना मोह है।’ जांच रिपोर्ट और बयान की गंभीरता को देखते हुए गृह विभाग ने इस पर कार्रवाई शुरू की और अंतत: 25 नवंबर 2007 को मुख्यमंत्री ने पुलिस प्रयोगशाला के प्रभारी निदेशक हरिनारायण पर विभागीय कार्यवाही चलाने का आदेश दे दिया।

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