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सात करोड़ फूंके, नहीं बना ढंग का म्यूजियम

ला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग द्वारा होटवार में निर्मित म्यूजियम पर कई तरह के प्रश्न उठने लगे हैं। इसके निर्माण में सात करोड़ रुपये खर्च हुए हैं, लेकिन इसे स्टेट म्यूजियम के रूप में तैयार नहीं किया जा सका है। म्यूजियम का निर्माण प्लानिंग के तहत नहीं हुआ है। सिक्यूरिटी और नेचुरल लाइट की व्यवस्था नहीं की गयी है। डिसप्ले मेथड और आइक्यू लेवल का कहीं भी उपयोग नहीं किया गया है। अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था नहीं है। स्टेट म्यूजियम के रूप में डेवलप करने के लिए इसे फिर से तोड़ कर बनाने की जरूरत है।ड्ढr पीके कंसल्टेंट को इसके निर्माण की जिम्मेवारी सौंपी गयी थी। कंपनी ने आर्किटेक्ट के रूप में केके घोषाल को नियुक्त किया था, जिन्होंने अपने मुताबिक म्यूजियम का निर्माण कर दिया। इधर, सरकार ने भी संग्रहालय विशेषज्ञों से मशविरा लेना भी उचित नहीं समझा। देश के ख्यातिप्राप्त म्यूजियोलॉजिस्टों ने म्यूजियम में कई खामियां बतायी हैं। नेशनल म्यूजियम के पूर्व निदेशक डॉ आरडी चौधरी ने गैलरियों में आर्किटेक्ट द्वारा स्वेच्छा से बना दिये गये पेडेस्टल को हटाने की बात कही। पटना संग्रहालय के अपर निदेशक डॉ उमेश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि म्यूजियम निर्माण से पूर्व सरकार को आर्किटेक्ट से अधिक संग्राहालय विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए थी।ड्ढr इधर विभाग के उपनिदेशक हरंद्र प्रसाद सिन्हा ने भी माना है कि म्यूजियम का निर्माण सही ढंग से नहीं हुआ है। आर्किटेक्ट ने अपने मुताबिक म्यूजियम का निर्माण किया।

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  • Web Title: सात करोड़ फूंके, नहीं बना ढंग का म्यूजियम