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चिप रोकेगी रईसों की बिजली चोरी

दिल्ली के ज्यादा बिजली खर्च करने वाले करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताआें के घर अब मीटर रीडर नहीं जाएंगे। 30 किलोवाट लोड की श्रेणी में आने वाले इन उपभोक्ताआें के मीटरों में एक खास इलेक्ट्रानिक चिप लगाकर इन्हें सेटेलाइट से जोड़ दिया गया है। यह चिप उनके बिजली खर्च का हिसाब-किताब रखेगी और इसे सीधे सेंट्रल सर्वर से नियंत्रित किया जाएगा। इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य बिजली की चोरी पर पूरी तरह रोक लगाना है। निजी बिजली कंपनी बीएसईएस के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इससे कंपनी को यह फायदा होगा कि यदि मीटर में कोई छेड़छाड़ की जाती है, अथवा किसी भी प्रकार अवैध तरीके से बिजली के इस्तेमाल की कोशिश की जाती है, तो सेंट्रल सर्वर में लगा अलार्म बजने लगेगा और मीटर में लगे चिप का नंबर सर्वर पर आ जाएगा। इस नंबर से उपभोक्ता की पूरी जानकारी कंपनी को मिल जाएगी। बीएसईएस सूत्रों के अनुसार, 30 किलोवाट का लोड रखने वाले सभी उपभोक्ता अमीर हैं। इस व्यवस्था से उनकी यह शिकायत भी दूर हो जाएगी कि मीटर रीडर वक्त-बेवक्त उनके घर के पहुंचकर प्राइवेसी में दखल देते हैं। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि 30 किलोवाट वाला उपभोक्ता यदि बिजली चोरी करता है, तो कंपनी को भारी चपत लग जाती है। यह पूछने पर कि इसके दायरे में कंपनी अपने सभी 23 लाख उपभोक्ताआें को क्यों नहीं ला रही है, सूत्रों ने कहा कि यह प्रणाली थोड़ी महंगी है। चरणबद्ध तरीके से सारे उपभोक्ताआें को धीरे-धीरे इससे जोड़ने की योजना बनाई गई है।

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