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राज ठाकरे व बिहार का विपक्ष एक सिक्के के दो पहलू

राज्यपाल आर.एस.गवई के अभिभाषण पर विपक्ष के हंगामे पर जदयू ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे संसदीय परम्परा का अपमान बताया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि महाराष्ट्र में राज ठाकरे द्वारा फैलाई गई गंदगी का जवाब गंदगी से नहीं दिया जा सकता। उन्होंने सभी सदस्यों से सदन की मर्यादा के साथ-साथ महामहिम की गरिमा बनाए रखने की अपील की।ड्ढr ड्ढr प्रदेश अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि विपक्ष ने इस मामले में जिस तरह का व्यवहार किया है उससे यह प्रमाणित होता है कि महाराष्ट्र में राज ठाकरे और बिहार का विपक्ष दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। राज्यपाल संविधान के अनुसार राज्य का प्रथम नागरिक होता है और इस पद को किसी राज्य के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है। इस तरह का आचरण होगा तो फिर क्या शेष रह जाएगा? क्या नैतिकता रह जाएगी? जिस तरह महाराष्ट्र में मुद्दाहीन राज ठाकरे जनाधार बनाने के लिए नौटंकी कर रहे हैं ठीक उसी तरह बिहार का विपक्ष खोया जनाधार पाने के लिए नौटंकी कर रहा है। उनके पास भी अब कोई मुद्दा नहीं रह गया है। हताशा में वह ऐसा कदम उठा रहा है।ड्ढr श्री सिंह ने कहा कि अगर सही मायने में महाराष्ट्र के सवाल पर विपक्ष इतना ही गंभीर था तो विधानसभा का सत्र चल रहा है, प्रस्ताव पारित करवाया जा सकता है। इसकी बजाय राज्यपाल के पद पर कीचड़ उछालने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद की पार्टी से इससे अधिक की उम्मीद भी नहीं की जा सकती। पहले भी वे राज्यपाल के पद पर अशोभनीय टिप्पणियां कर चुके हैं। राज्यपाल विनोद चन्द्र पांडेय पर उनके द्वारा कई बार असंसदीय व आपत्तिजनक टिप्पणी की जा चुकी है। ऐसे में उनसे या उनकी पार्टी से संवैधानिक गरिमा की उम्मीद करना ही व्यर्थ है। विपक्ष के पास विरोध का कोई मुद्दा नहीं : मोदीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि विपक्ष के पास विरोध का कोई मुद्दा ही नहीं है और इसीलिए उसने राज्यपाल के अभिभाषण के समय सदन में हंगामा किया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान श्री मोदी ने कहा कि विपक्ष को कम से कम इतना तो ख्याल रखना चाहिए कि राज्यपाल श्री गवई वैसे महत्वपूर्ण लोगों में शामिल हैं जिन्होंने बाबा साहब अम्बेदकर के साथ काम किया है। कम से कम उनका तो विरोध विपक्ष को नहीं ही करना चाहिए था। श्री मोदी ने कहा कि यह सत्र लम्बा है और यदि विपक्ष चाहेगा तो इसे और भी लम्बा किया जा सकता है। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदस्यों को इसपर विचार रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि हमलोग जब विपक्ष में थे तो राज्यपाल के अभिभाषण को शांतिपूर्वक सुनते थे। उन्होंने विपक्ष से अनुरोध किया कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात कहे सरकार उसका जवाब देगी। दूसरी तरफ संसदीय कार्य मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि विपक्षी सदस्यों ने अपने विभाजित रूप का प्रदर्शन किया है और उनका आचरण सदन में अमर्यादित रहा।

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  • Web Title: राज ठाकरे व बिहार का विपक्ष एक सिक्के के दो पहलू