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मकसद सरकार की विफलता दर्शाना था,राज्यपाल का विरोध नहीं : राबड़ी

प्रतिपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने कहा है कि विपक्ष की किसी बात से यदि राज्यपाल को ठेस पहुंची हो तो वह संपूर्ण विपक्ष की तरफ से दुख व्यक्त करती हैं। उन्होंने कहा है कि विधानमंडल के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान किसी भी विपक्षी सदस्य द्वारा राज्यपाल के प्रति न तो अपमानजनक टिप्पणी की गई और न ही उनके खिलाफ नारे लगाए गए। दरअसल कुछ सदस्य राज्य सरकार की विफलता और कतिपय बिन्दुआें को राज्यपाल के अभिभाषण में शामिल न किए जाने के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे थे।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा है कि राज्यपाल आर.एस. गवई का विपक्ष के सभी सदस्य आदर और सम्मान करते हैं। अभिभाषण के दौरान विपक्ष की भावना सरकार की विफलताआें को दर्शाना था न कि राज्यपाल के प्रति किसी प्रकार की अपमानजनक टीका-टिप्पणी करने का। राज्यपाल का पद संवैधानिक पद है और इसके चलते उस पद के साथ-साथ उस व्यक्ित के प्रति भी राज्य के सभी लोग आदर और सम्मान दर्शाते हैं। उन्होंने कहा है कि महाराष्ट्र में जिस तरह राज ठाकरे और बाल ठाकरे देश को बांटने वाले अनर्गल बयान दे रहे हैं वह देश के लिए बहुत ही चिंता का विषय है। हमारे देश में सभी धर्म, सभी प्रांत और सभी भाषा के लोगों को सम्मान प्राप्त है। किसी को भी अनादर की भावना से देखना देश के साथ बेईमानी होगी। उन्होंने राज ठाकरे और बाल ठाकरे से अनुरोध किया है कि वे कोई भी ऐसा कदम नहीं उठायें जिससे हमारे देश में प्रांतवाद की बात उठे। पहले हम भारतवासी हैं और उसके बाद किसी प्रांत के हैं।ड्ढr ड्ढr नारेबाजी से नीतीश खफाड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विधानसभा में विपक्षी सदस्यों द्वारा ‘राज्यपाल वापस जाओ’ नारा लगाए जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कड़ी नाराजगी जतायी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास विरोध का कोई मुद्दा ही नहीं है और इसीलिए उसने अभिभाषण के समय सदन में हंगामा किया। अगर सोची-समझी रणनीति के तहत राज्यपाल के खिलाफ नारेबाजी हुई है तो ऐसे लोगों को समझ लेना चाहिए कि बिहार की जनता उनके साथ नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदस्यों को अभिभाषण पर अपना विचार रखने का पूरा अधिकार है लेकिन नारेबाजी करके विपक्ष ने अपनी कमजोरी और अपने विभाजित रूप को ही जनता के सामने प्रदर्शित किया है। विपक्ष का आचरण बिहार की परंपरा और मर्यादा के भी विपरीत है।ड्ढr ड्ढr राज ठाकरे से सीख लेने की जरूरत नहीं : सिद्दीकीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राजद के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा है कि बिहार के विपक्ष को राज ठाकरे जैसे लोगों से सीख लेने की जरूरत नहीं है। जो आदमी खुद संवैधानिक मर्यादाआें के खिलाफ आचरण करता है वह बिहार के विपक्ष की आलोचना कैसे कर सकता है। उल्लेखनीय है कि राज्यपाल के अभिभाषण के समय बिहार विधानमंडल में हंगामे को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने विपक्ष की आलोचना की है। श्री सिद्दीकी ने कहा है कि बिहार में विपक्ष संवैधानिक मर्यादा के तहत काम करता है और संविधान के प्रतिकूल आचरण करने वालों के खिलाफ आवाज बुलंद करता है। उन्होंने कहा है कि राज ठाकरे को यह बात याद रखनी चाहिए कि भारत के हर नागरिक को संविधान में न केवल आस्था रखनी होती है बल्कि यह आस्था उसके कायरे में दिखाई भी पड़नी चाहिए।ं

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