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‘विद्या स्वनियोजन’ योजना शीघ्र

भविष्य के गर्त में छिपे बेरोजगारी के तनाव को कॉलेज में ही कम करने की तैयारी शुरू हो गयी है। राजभवन ने इस दिशा में पहल शुरू कर दी है। मकसद है वैसे युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराकर उनके तनाव को कम करना जिन्हें नौकरी नहीं मिल पाती। राज्यपाल डॉ. आर. एस. गवई की पहल पर जल्द ही विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए ‘विद्या स्वनियोजन’ योजना शुरू की जाएगी।इसके तहत छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के साथ-साथ मोबाइल फोन मरम्मत, सेंट और इत्र बनाना और उसे बेचना, फैशन डिजाइनिंग जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। राज्य सरकार के उद्योग विभाग के अधीन ऐसी कई योजनाएं हैं जिनके माध्यम से लघु उद्योग से जुड़े प्रशिक्षण छात्र-छात्राओं को दिए जा सकते हैं। कॉलेज में पढ़ाई के साथ ही ऐसे प्रशिक्षणों से उनका भविष्य सुरक्षित हो सकता है।ड्ढr ड्ढr नौकरी नहीं मिलने की सूरत में वे स्वरोजगार कर अच्छी कमाई कर सकते हैं। ऐसा भी माना जा रहा है कि ऐसे प्रशिक्षणों से युवाओं में पढ़ाई के बाद बेरोजगारी के दौर में आने वाले भटकाव पर भी रोक लगायी जा सकती है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें यह भी बताया जाएगा कि नौकरी के अलावा भी बहुत से ऐसे काम हैं जिनसे बेहतर ढंग से जीवन को व्यवस्थित किया जा सकता है। इसके अलावा युवाओं के व्यक्ितत्व के विकास के लिए मनोविज्ञान और अंग्रेजी बोलने और सीखने का भी प्रशिक्षण दिया जाए इसपर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

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