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उप्र में 50 हजार बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार

पल्स पोलियो, जनगणना, सूची पुनरीक्षण और पशु गणना जसे तमाम काम अब पंजीकृत बेरोजगार करेंगे। यह एक ऐसी योजना है, जिसे सेवा निदेशालय ने बनाया और हाल में उसे सरकार की भी मंजूरी मिल गयी है। इस योजना से 50 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिल जायेगा। दरअसल इस योजना की जरुरत इसलिए भी महसूस की गयी क्योंकि प्रदेश में साल भर तक चलने वाले सरकारी अभियानों और कार्यक्रमों के कारण कई बार प्राइमरी स्कूलों को बंद करना पड़ जाता है। यही नहीं इससे सरकारी विभागों के काम पर भी असर पड़ जाता है। इसी के चलते सेवायोजन विभाग ने तय किया कि ऐसी जिम्मेदारी अब पंजीकृत बेरोजगारों को सौंप दी जाए। योजना के तहत तय किया गया है कि कक्षा आठ पास बेरोजगारों को पशु गणना व जनगणना के काम में लगाया जायेगा। हाईस्कूल पास को मतदाता सूची पुनरीक्षण और पोलियो ड्राप पिलाने की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी। भवन गणना और कर वसूली के काम इंटरमीडिएट पास बेरोजगार करेंगे। जहां तकनीकी कार्य की जरुरत होगी वहां इन बेरोजगारों को बाकायदा प्रशिक्षित भी किया जायेगा। अपर निदेशक सेवायोजन दिलीप बताते हैं कि पंजीकृत बेराजगारों का पारिश्रमिक भुगतान संबंधित विभाग करेंगे। जूनियर हाईस्कूल पास बेरोजगारों को 58 रुपये, इससे ऊपर की शैक्षणिक योग्यता वालों को 72 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से पारिश्रमिक मिलेगा। उन्होंने बताया शुरुआती दौर में फिलहाल 50 हजार से ज्यादा बेरोजगारों को इन अभियानों और कार्यक्रमों के जरिए अस्थायी काम मिल जायेगा। बेरोजगारों का चयन साक्षात्कार के आधार पर होगा। इस योजना को गांव, ब्लाक और जिला स्तर पर जल्दी ही लागू किया जायेगा। योजना के तहत आगामी मार्च में काम शुरू हो जायेगा। इसकी जानकारी विभागों को दे दी गयी है। उनकी आवश्यकतानुसार जिला सेवायोजन अधिकारी निर्धारित योग्यता वाले बेरोजगारों का विवरण संबंधित विभाग को भेज देंगे।

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