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‘माई लॉर्ड’ कहें तभी बजेगी शहनाई

रांची निवासी सुनीता (नाम काल्पनिक) की शादी 27 अप्रैल को तय थी, लेकिन अचानक टल गयी। सहेलियों ने छेड़ा तो उसने बताया कि लड़केवालों ने अचानक शादी टाल दी है। उनके परिवार में किसी की मौत हो गयी है। जमशेदपुर के विनय (नाम काल्पनिक) का छेका हो जाने के बाद भी विवाह की तिथि को लेकर लड़कीवाले टाल-मटोल कर रहे हैं। मित्रों के कुरेदने पर उसने कहा कि अब तो जब ‘माई लॉर्ड’ की इनायत होगी, तभी शहनाई बजेगी। सुनीता और विनय का व्याख्याता पद के लिए अंतिम चयन हो चुका है। इनके जैसे सैकड़ों नवचयनित व्याख्याता झारखंड में हैं, जिनकी शादियां रिजल्ट निकलते ही आनन-फानन में तय हो गयी थीं, लेकिन हाइकोर्ट में मामला पहुंचते ही उनकी शादियों पर ग्रहण लग गया है। अब वर-वधू दोनों पक्षों की निगाहें हाइकोर्ट पर टिकी हैं। फिलहाल इन नियुक्ितयों पर रोक लगी हुई हैं। बीते दिसंबर में राज्य के तीनों विश्वविद्यालयों के लिए करीब 800 व्याख्याताओं का चयन हुआ था। जल्द ही चयनित व्याख्याताआें में से 100 से अधिक की शादियां तय हो गयीं, लेकिन नियुक्ित पर रोक की वजह से इन लोगों की शादियां टलने लगी हैं। कमाऊ बहू की चाहत रखनेवाले भी डर रहे हैं और लड़की पक्ष पर तो यह खतरा मंडरा रहा है कि अगर नियुक्ित रद्द हो गयी, तो वर बेरोजगार बन कर रह जाएगा। अब तक दर्जनों शादियों की तिथियां टाल दी गयी हैं। भगवान पर भरोसा कर जो लोग अब भी डटे हुए हैं, उनके दिल की धड़कनंे तेज जरूर हैं।

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  • Web Title: ‘माई लॉर्ड’ कहें तभी बजेगी शहनाई