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बिहारीपन का अभाव ही सूबे के पिछड़ेपन का कारण

जनता दल यू के राष्ट्रीय प्रवक्ता व वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि बिहारीपन का अभाव ही बिहार के पिछड़ेपन का मुख्य कारण है। यह विडंबना है कि बिहारवासी पूरे देश को अपना मानते हैं, जबकि अन्य प्रांतों में इनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। श्री तिवारी औरंगाबाद जन संवाद परिषद (डेहरी, आेबरा, औरंगाबाद) के तत्वावधान में मगध व शाहाबाद के विकास में युवा जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बिहार एक आंतरिक उपनिवेश बन गया है। यहां की पूंजी, प्रतिभा व प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग अन्य राज्यों में हो रहा है। इसके साथ ही श्रम का पलायन हो रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्वमंत्री रामविलास सिंह ने की, जबकि संचालन वरीय अधिवक्ता केपी यादव ने किया। वीरेन्द्र कुमार यादव धन्यवाद ज्ञापन किया।श्री तिवारी ने कहा कि हाल के वषरे में सूबे का माहौल बदला है। प्रोफेशनल एजुकेशन के साथ तकनीकी शिक्षा की दिशा में सरकार प्रयास कर रही है। पूर्व मंत्री रामविलास सिंह ने कहा कि मगध व शाहाबाद में नक्सलवाद की जड़ें गहरी हैं और इसका समाधान राजनीतिक इच्छाशक्ित से ही संभव है। औरंगाबाद जिला परिषद के उपाध्यक्ष संजय सिंह सोम ने कहा कि समग्र विकास की जिम्मेवारी युवाआें के कंधे पर है और इस दिशा में सबको एकसाथ प्रयास करना होगा। पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रामचंद्र सिंह ने कहा कि विधान सभा से लेकर नगर व पंचायत निकायों तक में बड़ी संख्या में युवा प्रतिनिधि चुन कर आए हैं। वे विकास का मजबूत ताकत बन सकते हैं। इस मौके पर रामेश्वर चौधरी, विजय कृष्ण सिंह, बीएन विश्वकर्मा, संजय शशि, रामचंद्र लाल दास, हेमंत पटेल आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उदय प्रताप, राकेश कुमार, सुरेश कुमार, शशि भूषण, शंकर कुमार, संजय कुमार, रामकृपाल सिंह आदि उपस्थित थे।ं

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