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13 दिसंबर, 2019|6:47|IST

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बागवानी मिशन की योजनाआें की स्वीकृति प्रक्रिया बदली

ृषि विभाग ने बागवानी मिशन के तहत जारी योजनाआें की स्वीकृति की प्रक्रिया में परिवर्तन किया है। किसानों और उद्यमियों की सुविधा को ध्यान में रखकर सरकार ने ‘एकल खिड़की विधि’ से योजनाआें को स्वीकृत करने की योजना बनायी है। पूर्व में आवेदकों को इसके लिए 16 टेबुलों का चक्कर लगाना पड़ता था। अब ये एक जगह आवेदन करेंगे और वहीं से सारी प्रक्रिया पूरी कर निर्धारित अवधि में उन्हें सूचना दे दी जाएगी। यहां तक कि बैंकों से ऋण दिलाने के लिए भी विभाग के अधिकारी ही पहल करेंगे, किसानों को इसके लिए भाग- दौड़ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।ड्ढr इसके लिए राज्य मुख्यालय स्तर पर एक राज्यस्तरीय कमेटी गठित की जा रही है। कमेटीे के अध्यक्ष कृषि विभाग के प्रधान सचिव होंगे तो उद्यान निदेशक इसके सचिव बनाए जाएंगे। मुख्य महाप्रबंधक नबार्ड, राष्ट्रीय बागवानी मिशन के सहायक निदेशक, राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय और संबंधित जिलों के जिलाधिकारी के प्रतिनिधियों के अलावा जिला उद्यान पदाधिकारी इसके सदस्य होंगे।ड्ढr ड्ढr बागवानी मिशन के निदेशक सनत कुमार जयपुरियार ने बताया कि निर्धारित प्रावधान के अनुसार किसान या उद्यमी या उनका समूह, जो योजनाआें पर काम करने की इच्छा रखते हैं, अपने परियोजना प्रस्ताव की पांच प्रतियां सीधे मिशन मुख्यालय में जमा करेंगे। जिन्हें ऋण लेना है या जो उसकी स्वीकृति ले चुके हों या फिर जो बिना ऋण लिए योजना का लाभ लेना चाहते हों, सभी के लिए एक ही प्रक्रिया होगी। जो बैंक ऋण की स्वीकृति प्राप्त कर चुके हों उन्हें बैंक के पत्र के साथ आवेदन करना होगा। इस विधि से जिन योजनाआें के आवेदन स्वीकृत किए जाएंगे उनमें पैक हाउस, शीत भंडारण यूनिट, सीए भंडारण, मोबाइल प्रसंस्करण यूनिट तथा विपणन के बुनियादी ढांचे की स्थापना से जुड़ी योजनाएं शमिल हैं।ड्ढr ड्ढr कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाए : राकांपाड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। राकांपा किसान प्रकोष्ठ ने कृषि को उद्योग का दर्जा घोषित करने और उनकी तीन लाख का मुफ्त दुर्घटना बीमा करने की मांग राज्य सरकार से की है। प्रकोष्ठ के संयोजक तारकेश्वर सिन्हा ने रविवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में किसानों के बच्चों के लिए सरकारी नौकरियों में दस फीसदी आरक्षण की भी मांग की और कहा कि राज्य में सभी तरह की फसलों का बीमा होना चाहिए। उन्होंने किसान सम्मान में पक्षपात का आरोप लगाते हुए उसपर अविलंब रोक की भी मांग की। इस अवसर पर पार्टी की ओर से प्रकोष्ठ पदाधिकारियों की सूची भी जारी की गई। इसके तहत राजकुमार सिंह राजपूत, तालश्वर शर्मा, मुकुन्द प्रसाद सिंह, किशोरी प्रसाद सिंह, सुरेन्द्र प्रसाद राय, लक्ष्मण यादव, वासुदेव मेहता, देवानंद सिंह, कामता कुशवाहा, कामेश्वर प्रसाद सिंह और अरुण कुमार उपाध्यक्ष होंगे जबकि अशोक कुमार व सुरेन्द्र पांडेय महासचिव सह प्रवक्ता होंगे। जयप्रकाश यादव, रामदेव प्रसाद मेहता, रविरंजन कुमार, विनोद कुमार ओझा, उमेश कुशवाहा, जमुना प्रसाद, अमरेन्द्र यादव, विनोद सिंह कुशवाहा, लक्ष्मीकांत महतो, संत कुमार सिंह, ज्वालाप्रसाद सिंह, दिलीप कुमार मेहता, संजय कुमार निराला और विनोद कुशवाहा महासचिव बनाए गए हैं। इसके अलावा 5 संगठन सचिव और 21 सचिव बनाए गए हैं। संवाददाता सम्मेलन में सी.पी. सिन्हा, कामेश्वर सिंह, मुत्युंजय कुमार और राजेश यादव भी मौजूद थे।

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