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लिएंडर पेस के पक्ष में है टेनिस संघ

भारतीय टेनिस बिखराव के कगार पर है। पहली बार एक कप्तान के खिलाफ खिलाड़ियों ने बगावत की है। एक ऐसे कप्तान के खिलाफ जिसने अपने करिअर में सर्वाधिक डेविस कप मैच खेले और सर्वाधिक जीते। उन्होंने कुछ ऐसे उलटफेर भी किए जो चकित करने वाले थे। वर्तमान गैर खिलाड़ी कप्तान लिएंडर पेस डेविस कप में कई बार तीनों दिन खेले और तीनों मैच जीत कर देश को डेविस कप में सफलता दिलाई है। इसी महीने नई दिल्ली में उजबेकिस्तान के विरुद्ध खेले गए मुकाबले में प्रकाश अमृतराज को पहला मैच न खिलाने और उन्हें अनफिट व अनुशासनहीन बताने पर प्रकाश के साथ साथ रोहन बोपन्ना, महेश भूपति और करण रस्तोगी ने एकाएक बगावत कर दी और कहा कि वे चारों खिलाड़ी पेस की कप्तानी में नहीं खेलेंगे। इधर, एक वर्ष बाद चोट से लौटे हर्ष मांकड सबसे पहले पेस के पक्ष में खड़े हुए। उनके बाद टेनिस संघ के महासचिव अनिल खन्ना ने भी सोमवार को साफ तौर पर पेस का पक्ष ले लिया है। खन्ना ने कहा कि लिएंडर पेस के योगदान को अनदेखा नहीं किया जा सकता। पिछले 17 वर्ष में जो उन्होंने देश के लिए किया है वह अतुलनीय है। तीन वर्ष पूर्व जयपुर में हर्ष मांकड के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था जैसा इस बार प्रकाश के साथ हुआ। तब हर्ष शीर्ष वरीय थे। पेस ने उन्हें उतारने के बजाए पहला मैच खुद खेला और उलट एकल में ही उन्हें अवसर दिया। अब हर्ष मांकड मानते हैं कि वह फैसला सही था। वे कहते हैं कि ऊबड़ खाबड़ सतह पर, जिसमें हर गेंद अलग तरीके से उछल रही थी, उस पर पांच सेट का मैच एथलीट पेस ही जीत सकते थे। हर्ष का मानना है कि पेस ने हमेशा भारतीय टेनिस के हित में निर्णय लिया है।ड्ढr अनिल खन्ना का मानना है कि यह खिलाड़ियों का आपसी टकराव है। वे कहते हैं कि ओलंपिक वर्ष में यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जो भी खिलाड़ी भारत के लिए योगदान देता है मैं उसके साथ हूं। पेस ने देश के लिए ओलंपिक पदक जीता और वे भारत को डेविस कप के सेमीफाइनल तक भी ले गए। उन्होंने एशियाई खेलों में भी स्वर्ण जीते हैं। इसलिए सहज स्वाभाविक है कि ऐसे खिलाड़ी के साथ मैं हूं। खन्ना ने अलबत्ता बगावत कर रहे खिलाड़ियों की आलोचना भी की।

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