अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

स्टॉक का ब्योरा 29 तक दे सकेंगे

वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) लागू होने के डेढ़ महीने के अन्दर ही नियमावली में पहला संशोधन कर दिया गया। अब व्यापारी 2रवरी तक स्टॉक का विवरण वाणिज्य कर महकमे को दे सकेंगे। विविधता भरे कारोबार करने वालों को ‘हरेक वस्तुओं’ के स्टॉक का मदवार बिल बनाने से छूट दे दी गई। वैट लागू होने के छह माह के अन्दर किए गए कारोबार के ट्रेडिंग एकाउन्ट पर 55 फीसदी की दर से मूल्यांकन कर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दिया जाएगा। संशोधित नियमावली को शासन से मंजूरी मिल गई है।ड्ढr वैट लागू होने के बाद व्यापारियों को 30 दिन के अन्दर स्टॉक का ब्यौरा दाखिल करने का समय दिया गया था, जिस पर व्यापारियों ने समय सीमा और बढ़ाए जाने की माँग की थी। विविधता वाली वस्तुओं के व्यापारियों ने प्रत्येक वस्तु का बिल काटने और ब्यौरा तैयार करने में असमर्थता जताई थी। व्यापारियों ने शासन से इसमें संशोधन की गुहार लगाई थी, जिस पर शासन ने वैट नियमावली की छह धाराओं में संशोधन कर दिया।ड्ढr अब हार्ड वेयर, मिल स्टोर, दवा कारोबारी, जनरल मर्चेन्ट्स, स्टेशनरी, बिजली की वस्तुओं, सिले-सिलाए परिधानों, मसाले समेत कुछ और वस्तुओं के कारोबारियों को मदवार स्टाक का विवरण बनाने में छूट दी गई है। इन वस्तुओं के व्यापारियों को 31 दिसम्बर 2007 को अन्त होने वाली अवधि के लिए ट्रेडिंग एकाउण्ट के अनुसार अंतिम स्टॉक पर 55 फीसदी की दर से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दिया जाएगा। ऐसे व्यापारी अब फार्म-ए-1 पर 2रवरी तक स्टॉक दाखिल कर सकेंगे। नए आदेश में कहा गया है कि अगर किसी कॉरपोरेट मॉडल में एक से अधिक ज्वाइंट कमिश्नर होंगे तो उनके अधिकार क्षेत्र का निर्धारण कमिश्नर वाणिज्य कर करेंगे। कारपोरेट मण्डल के ज्वाइंट कमिश्नर के अधिकायों को भी नए सिरे से परिभाषित किया गया है। उन्हें जुर्माना से लेकर कर निर्धारण के भी अधिकार दिए गए हैं। व्यापार कर कमिश्नर सुनील कुमार का कहना है कि व्यापारियों की कठिनाइयों को ध्यान में रखकर यह प्रावधान किया गया है। प्रदेश के सभी अपर आयुक्त ग्रेड-वन, व्यापारियों, अधिकारियों को भी वैट नियमावली में संशोधन की जानकारी दे दी गई है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: स्टॉक का ब्योरा 29 तक दे सकेंगे