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लक्ष्मण मेला स्थल के पौधे तो हफ्ते भर में ही सूख गए

लक्ष्मण मेला स्थल पर लगाए गए आम के पौधे हफ्ते भर में ही सूख गए। शुक्रवार को ज्यादातर पौधे सूखे पड़े थे। कई पौधे तो गायब हो गए और वहाँ पर सिर्फ गड्ढा ही बचा था। इस बाबत ‘हिन्दुस्तान’ ने अफसरों का पक्ष जानना चाहा तो जिलाधिकारी ने रात में ही पौधे लगाने के निर्देश वन विभाग को दिए। शाम को वहाँ पर 15 नए पौधे लगा दिए गए।ड्ढr लक्ष्मण मेला स्थल पर पौधे लगाने को लेकर पिछले दिनों काफी विवाद रहा। महापौर डॉ. दिनेश शर्मा इसके खिलाफ खुलकर सामने आ गए और शहर की कई संस्थाआें ने भी विरोध किया। इसके बावजूद शासन के निर्देश पर यहाँ पौधे लगा दिए गए। 17 फरवरी को करीब डेढ़ सौ पौधे लगााए गए थे। सोमवार को अपराह्न् तीन बजे ‘हिन्दुस्तान’ ने यहाँ का जायजा लिया तो ज्यादातर पौधे सूखे मिले। कई पौधों के नाम पर सिर्फ डण्डियाँ बची थीं तो कुछ में वह भी गायब थीं। मौके पर मिले कुछ मालियों ने बताया कि पतझड़ के मौसम में पौधे बहुत मुश्किल से लगते हैं और यहाँ पर तो जल्दबाजी में पौधे लगाए गए थे। एक स्थान से लाकर सीधे दूसरे स्थान पर पौधे रोप दिए गए जबकि होना यह चाहिए कि एक स्थान से पौधे निकालने के बाद कुछ दिन रखे जाएँ और फिर दूसरी जगह पर लगाए जाएँ। शाम को करीब सात बजे प्रभागीय वन अधिकारी मुकेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने पहले तो पौधे सूखने की बात से इनकार किया। उनका कहना था कि नया पौधा लगाया जाता है तो पत्तियाँ झड़ती ही हैं। जिलाधिकारी चन्द्रभानु को जब बताया गया तो उन्होंने रात में ही वन विभाम के अफसरों को निर्देश देकर पौधे लगवाने की बात कही। उसके कुछ देर बाद ही प्रभागीय वन अधिकारी ने खुद फोन करके बताया कि शाम को 15 नए पौधे लगवा दिए गए हैं। यह सामान्य प्रक्रिया है। यदि कोई पौधा सूखता है तो वह बदला जाएगा। आगे भी यही क्रम जारी रहेगा। इसके बाद फिर ‘हिन्दुस्तान’ ने रात में लक्ष्मण मेला स्थल का जायजा लिया तो कुछ नए पौधे लगे थे लेकिन ज्यादातर पौधे अब भी सूखे हैं। रात में पौधों की सुरक्षा के लिए यहाँ वन विभाग का कोई अधिकारी, कर्मचारी या माली नहीं मिला।

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