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शिक्षक निभाएं नेशन बिल्डर की भूमिका

देश में अभी योग्य शिक्षकों की काफी कमी है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित रिपोर्ट में ध्यान दिलाया गया है कि अगर प्राथमिक विद्यालयों में चार शिक्षकों की प्रतिनियुक्ित की गयी है, तो उसमें से मात्र दो ही काम करते हैं। इससे देश के भविष्य अंधकारमय होगा। पटना विश्वविद्यालय के कुलपति डा. श्याम लाल ने कहा कि शिक्षकों को नेशन बिल्डर की भूमिका निभानी होगी। वे पटना विवि के शिक्षा विभाग के वार्षिकोत्सव के मौके पर छात्रों को संबोधित कर रहे थे। हमें अपने काम से गायब रहने की मिथ्या को तोड़कर देश के नवनिर्माण में लगना होगा।ड्ढr ड्ढr कुलपति ने इस पाठय़क्रम को चुननेवाले छात्रों को चेताते हुए कहा कि इस विधा में आपको वह सहूलियतें नहीं मिल पाएंगी, जो अन्य विधा में मिलती है। आपको सीमित पगार पर ही अपना गुजारा करना होगा। इसलिए इसमें आने के बाद आपको विचार करना होगा कि जो जिम्मेवारियां आपको दी गयी हैं, उसे आप पूरा कर पाएंगे कि नहीं। उन्होंने कहा कि बीएड व एमएड प्रशिक्षित युवाआें को शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का सवर्ोच्च दायित्व है। इस मौके पर पटना विवि शिक्षा संकाय के अध्यक्ष व पटना ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य डा. जगदीश प्रसाद शर्मा ने कहा कि शिक्षा संकाय में शिक्षकों का अभाव है और तत्काल यहां पर 18 व्याख्याताआें की नियुक्ित आवश्यक है।ड्ढr ड्ढr विभागाध्यक्ष डा. खगेंद्र ठाकुर ने कहा कि परिसर में एक महिला छात्रावास की आवश्यकता है। इस मौके पर डा. राधाकृष्ण सिंह, प्रो. जेसीएस मोदी, डा. कुमार संजीव, डा. सारिका, डा. मनीषा प्रसाद, प्रो. ए. रहमान अंसारी, डा. सुधाकर प्रसाद सिंह, प्रो. कल्याणी सिंह, पटना कॉलेज के प्राचार्य डा. रणविजय कुमार व वीमेंस ट्रेनिंग कॉलेज की प्राचार्य डा. मनव्वर जहां आदि उपस्थित थीं। इस मौके पर छात्र-छात्राआें ने सांगीतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगों को मोहित कर दिया।

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