अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जिंदगी की जंग में पिछड़ गई है भारतीय किशोरी

ब्रिटेन में उपचार कराने के लिए यहां के गृह विभाग के साथ शुरू हुई जंग में भारतीय मूल की 15 वर्षीय जरीना रेंटिआ जीत गई हैं, लेकिन रीढ़ की हड्डियों की आनुवांशिक बीमारी से पीड़ित रेंटिआ जिंदगी की लड़ाई मेंपिछड़ गई है। भारतीय मूल की यह किशोरी इन दिनों अपनी अंतिम सांसें ले रही है। ‘फैंकोनी-बाइकेल सिंड्राम’ (एफबीएस) से पीड़ित रेंटिआ इन दिनों पूर्वी लंदन स्थित ‘हामर्टन हास्पीटल’ में भर्ती है। चिकित्सकों को जांच में पता चला है कि रेंटिआ अब कुछ दिनों की मेहमान रह गई है। उसकी बीमारी घातक रूप ले चुकी है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के बचाव में शुक्रवार को ‘यूनीवर्सिटी कालेज लंदन हास्पिटल’ (यूसीएच) ने रेंटिआ के इलाज की घोषणा की थी। लेकिन रेंटिआ की बिगड़ती हालत को देख उसको ‘हामर्टन अस्पताल’ भेजा दिया गया था। सूत्रों ने बताया, ‘उसको कैंसर हो गया है। अब वह कुछ और दिन ही जिंदा रह सकेगी।’ इस संबंध में रेंटिआ की मां तसनीम को सूचित कर दिया गया है। रेंटिआ के पिता तो फिलहाल उसके साथ भी नहीं हैं, वह भारत में रहते हैं। लगभग पांच वर्षो से रेंटिआ उनसे नहीं मिली है। यूसीएच के अनुसार यदि रेंटिआ ने अपने पिता से मिलने की इच्छा जताई तो अस्पताल प्रशासन उसकी मदद करेगा। गौरतलब है कि वर्तमान में ब्रिटेन में केवल 112 बच्चे ही एफबीएस से पीड़ित हैं।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: जिंदगी की जंग में पिछड़ गई है भारतीय किशोरी