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पांच केंद्रों पर ली जायेगी परीक्षा

एचइसी में एक्जीक्यूटिव ट्रेनी के पदों पर शीघ्र ही नियुक्ित होगी। इसमें अभियंताओं और इसके समकक्ष योग्यता वालों से आवेदन आमंत्रित किये जायेंगे। लिखित परीक्षा पांच केंद्र मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नइ और रांची में होगी। चयन प्रक्रिया किसी एजेंसी के सहयोग से पूरी की जायेगी। इसके लिए प्रबंधन ने इस तरह की एजेंसियों से आवेदन आमंत्रित किया है। एचइसी चयनित एजेंसी के सहयोग से विज्ञापन तैयार करायेगा। आवेदन भी एजेंसी के माध्यम से आमंत्रित किये जायेंगे। प्रवेश पत्र तैयार करने, बेवसाइट सहित काम एजेंसी के माध्यम से ही होंगे। प्रश्नपत्र भी तैयार करने का काम एजेंसी को दिया जायेगा। सभी सामग्री को परीक्षा केंद्र भेजने एवं संग्रह करने का काम भी एजेंसी को करना होगा। इच्छुक एजेंसियों से पांच मार्च तक आवेदन मांगे गये हैं।ड्ढr इसरो के निदेशक ने प्लांटों का भ्रमण किया : इसरो के अधिकारियों ने 26 मार्च को एचइसी के तीनों प्लांटों का निरीक्षण किया। श्रीहरिकोटा केंद्र के निदेशक वेंकटराव अन्य अधिकारियों के साथ प्लांट गये। एचइसी की आधारभूत संरचना से वह प्रभावित हुए व इसे भविष्य में सहयोग करने का आश्वासन भी दिया। इसके पूर्व सीएमडी के साथ इसरो के अधिकारियों ने कार्यो की समीक्षा की। तय किया गया कि मोबाइल लांचिंग पैड की आपूर्ति अप्रैल माह में कर दी जायेगी।ड्ढr टीकेयू को सेवानिवृत्त नेताओं का नेतृत्व स्वीकार नहीं: टेक्िनकल कामगार यूनियन ने कहा है कि वह सेवानिवृत्त श्रमिक नेताओं के नेतृत्व में आंदोलन नहीं करेगा। न ही उनके दिशा- निर्देशों का पालन करेगा। यूनियन मजदूरों की लड़ाई खुद लड़ेगी। यूनियन की 26 फरवरी को हुई बैठक मंे यह निर्णय लिया गया। यूनियन के महासचिव योगेंद्र सिंह ने कहा है कि सेवानिवृत्त श्रमिक नेताओं के खिलाफ प्रबंधन को जांच करनी चाहिए। किस प्रकार वह क्वार्टर में स्कूल चला रहे हैं।यूनियनों की एकता पर 2ो निर्णय संभवड्ढr रांची। एचइसी की यूनियनों के बीच एकता का प्रयास जारी है। हटिया मजदूर यूनियन की ओर से यह पहल की गयी है। इस संबंध मंे 2रवरी को महत्वपूर्ण बैठक होगी। यह बैठक एचइसी संघर्ष मोरचा के साथ हटिया मजदूर यूनियन कार्यालय में होगी। इस संबंध मंे जानकारी देते हुए यूनियन के महासचिव भवन सिंह ने बताया कि मोरचा की ओर से बताया गया कि 28 फरवरी को सीएमडी के साथ उसकी वार्ता है। वार्ता के बाद वह इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करेगा। भवन सिंह ने कहा कि पे रिवीजन के लिए अब संघर्ष जरूरी हो गया है। सभी को एक मंच पर आकर संघर्ष करना चाहिए। प्रबंधन यह स्पष्ट करे कि वह किस दिन से पे रिवीजन लागू करेगा।ड्ढr क्योंकि उत्पादन लक्ष्य कामगार हासिल कर चुके हैं।ं

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