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अब घर व ससुराल से गुजरेगी लालू की रेल

रेलमंत्री लालू प्रसाद अपने घर व ससुरबाड़ी अब पैसेंजर गाड़ी की छुक-छुक की आवाज के साथ आएंगे। क्योंकि संसद में मंगलवार को उनके द्वारा प्रस्तुत रेल बजट में हाजीपुर से फुलवरिया तक सवारी गाड़ी चलाए जाने का प्रस्ताव है। उन्होंने अपने भाषण के क्रम में चुटकी लेते हुए कह भी डाला कि फुलवरिया उनका घर है फिर भी वे सवारी गाड़ी ही चलाने का प्रस्ताव रखें हैं।ड्ढr ड्ढr उनकी इस घोषणा से गृह प्रखंड फुलवरिया में जश्न का माहौल है। रेलमंत्री के भाई व पूर्व प्रमुख गुलाब यादव का कहना है कि इससे वषर्ो से उपेक्षित यह क्षेत्र विकसित होगा। वहीं उनकी ससुराल सेलारकला के निवासी व उनके ससुर शिव प्रसाद चौधरी का कहना है कि गरीबों के हित में रेलमंत्री द्वारा उठाई गई यह महत्वपूर्ण कार्य योजना है। इससे हमारा गांव जवार सुखी संपन्न बन जाएगा और लोगों को आजादी के बाद रेल पर चढ़ने का सपना पूरा होगा। इनके अलावे उप प्रमुख कुंती देवी, छत्तु बथुआ के मो. कासीम, आेम प्रकाश सिंह, सुभाष यादव, शिव नाथ यादव, इम्तेयाज अहमद आदि ने भी कहा है किलालू जी ने गरीबों का ध्यान रख इस क्षेत्र से रेल चलाने का कार्य किया है। ज्ञात हो कि रेलमंत्री का घर व ससुराल दोनों गोपालगंज जिले के फुलवरिया प्रखंड अन्तर्गत ही आता है। इन दिनों फुलवरिया में स्टेशन निर्माण का कार्य भी तेजीसे चल रहा है। सीवान-थावे रेलखंड पर स्थित हथुआ जंक्शन से रेल लाइन फुलवरिया तक बिछाई जा रही है। इसमें बलेसरा हसनैन टोला तक रेल की पटरी बिछ भी चुकी है। बाकी दस किलोमीटर में मिट्टी व रेल पटरी बिछाए जाने का कार्य तेजी पर है।ड्ढr ड्ढr स्टेशन में विद्युतीकरण आदि का कार्य शुरू हो गया है। प्लेटफार्म भी तैयार हो रहा है। सप्ताह भर पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद ने पूवर्ोत्तर रेलवे के जीएम सुखबीर सिंह के साथ निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया था। निरीक्षण के दौरान जीएम श्री सिंह ने पत्रकारों को बताया था कि शीघ्र ही फुलवरिया तक ट्रेन चलने लगेगी। मालूम हो कि पूवर्ोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के अन्तर्गत हथुआ से लेकर भटनी तक नई रेल लाइन का निर्माण किया जाना है। इस रेलखंड की लंबाई 7किलोमीटर है तथा इस परियोजना को वर्ष 2004-05 में स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना के प्रथम चरण के रुप में बिहार के गोपालगंज जिले के 26 गांवों से होकर रेल लाइन गुजरनी थी। इस रेलखंड पर बथुआ बाजार तक 3 बड़े-बड़े पुलों का निर्माण अंतिम चरण में है। इस खंड पर लगभग दस रेलवे स्टेशन बनने वाले हैं और छोटे-बड़े कुल 76 पुल हैं तथा समपारों की संख्या 61 हैं।

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