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इशारे से पता बताया तो दरोगा जी ने पीटकर बेहोश किया

दरोगा जी ने पता पूछा। चाय के दुकानदार सत्येन्द्र यादव ने इशारे से बता दिया। दरोगा को यह नागवार गुजरा। उन्होंने वहीं सत्येन्द्र पर बेंत बरसाए। फिर चौकी ले गए। वहाँ बेहोश होने तक पीटा। दबाव बना तो तीन दिन बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया। मेडिकल में पता चला कि उसकी उँगली टूट गई। कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने दरोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश किए, पर छह महीने बाद पीड़ित का बयान तक पुलिस ने दर्ज नहीं किया है।ड्ढr चाय की दुकान के सहारे 16 सदस्यों की आजीविका चलाने वाले चंदौली जिले के भेलहटा गाँव के निवासी सत्येन्द्र की आवाज अब मानवाधिकार संगठनों ने उठाई है। उसकी दुकान भेलहटा चौराहे पर है। 28 अगस्त 07 को वह दुकान पर बैठा था, तभी मोहरगंज के चौकी इंचार्ज एसके सिंह आए और संजय सोनकर की दुकान का पता पूछा। सत्येन्द्र ने हाथ उठाकर इशारे से बता दिया। यह बात दरोगा को पसंद नहीं आई। उठाया बेंत और पिटाई शुरू कर दी। चौकी ले जाकर बेहोश होने तक पीटा। होश आया तो सत्येन्द्र ने खुद को लॉकअप में पाया। एसपी को दिए प्रार्थनापत्र में सत्येन्द्र ने कहा है कि तीन दिन बाद रजिस्टर पर दस्तखत कराकर चेतावनी के साथ उसे छोड़ दिया गया।ड्ढr मुकुन्द मेनन मीडिया फेलोशिप की पड़ताल में पता चला कि एसपी ने अपने स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित अस्पताल पहुँचा। परीक्षण में डॉक्टरों ने पाया कि सत्येन्द्र की उँगली टूटी हुई है। शरीर के अन्य हिस्सों में भी अंदरूनी चोटें आई हैं। कहीं से सुनवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। वहाँ से दरोगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना के आदेश हुए लेकिन सत्येन्द्र अब भी भयभीत है।

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