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अब ईको फ्रेंडली टायलेट का जमाना

रेल मंत्री लालू प्रसाद ने ट्रेनों में ग्रीन टायलेट लगाने का जो वादा किया है, उसको अंजाम दिया है आइआइटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने। इस ईको फ्रेंडली टायलेट डिस्चार्ज सिस्टम में न तो टायलेट पटरियों पर गिरेगा और न पानी। टेक्नोलॉजी मिशन आन रेलवे सेफ्टी के तहत रेलवे ने वर्ष 2005 में ऐसे ईको फ्रेंडली टायलेट की तकनीक विकसित करने का प्रोजेक्ट आइआइटी को दिया था, जिसमें गंदगी और पानी पटरियों पर न गिरे, इससे पर्यावरणड्ढr प्रदूषित होता है। साथ रेल की पटरियों में जंग लगने की संभावना भी बढ़ जाती है।ड्ढr इस मिशन के कोऑर्डिनेटर और आइआइटी के मेकैनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डॉ एनएस व्यास ने बताया कि रेलवे ने ईको फ्रेंडली टायलेट बनाने का प्रोजेक्ट 2006 में सौंपा था। दो करोड़ की लागत के प्रोजेक्ट को पूरा करके हमने रेलवे को सौंप दिया है तथा रेलवे इसका परीक्षण चेन्नई की एक ट्रेन में कर रहा है। रेल मंत्री ने बजट पेश करते हुए बताया था कि 11वीं योजना में ट्रेनों में ईको फ्रेंडली ग्रीन टायलेट लगाने के लिए 40 अरब खर्च होंगे। प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने से उत्साहित प्रो व्यास ने बताया कि ग्रीन टायलेट के इस प्रोजक्ट को अंजाम तक पहुंचाया है, आइआइटी के डॉ विनोद तारे एवं रेलवे के आदर्श खरे की टीम ने। उन्होंने बताया कि आइआइटी द्वारा तैयार किये गये इस टायलेट ऐसा सेपरेटर सिस्टम लगाया गया है, जिससे मल का ठोस पदार्थ अलग हो जायेगा और तरल अलग। उन्होंने बताया कि मल में ठोस की मात्रा केवल दस फीसदी होती है, बाकी नब्बे फीसदी तरल पदार्थ होता है। प्रो व्यास के मुताबिक इस ईको फ्रेंडली टायलेट में मल में मौजूद 0 फीसदी तरल पदार्थ को उसी टायलेट में केमिकल के जरिये शोधित करने की व्यवस्था होगी और यह पानी पुन: टायलेट में इस्तेमाल हो जायेगा। प्रो व्यास के अनुसार इस टायलेट में बचा दस फीसदी ठोस अपशिष्ट पदार्थ उसी में बने एक कंटेनर में जमा होता रहेगा और जब ट्रेन आखिरी स्टेशन पर पहुंचेगी, तो रेलवे के सफाई कर्मियों को ये कंटेनर खाली करने होंगे। उन्होंने बताया कि इस रिसाइलिंग व्यवस्था से मानव मल रेलवे की पटरियों पर नहीं गिरेगा और न ही गंदगी होगी, न ही पर्यावरण के लिए खतरा पैदा होगा। प्रो व्यास के मुताबिक चीन में थर्मल ट्रीटमेंट के आधार पर रेलवे में टायलेट की सफाई की जाती है, लेकिन आइआइटी कानपुर द्वारा विकसित की गयी विधि पूर्णतया रासायनिक आधार पर है। उन्होंने बताया कि चेन्नई में एक ट्रेन में ईको फ्रेंडली टायलेट का फिलहाल परीक्षण चल रहा है।

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  • Web Title: अब ईको फ्रेंडली टायलेट का जमाना