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वाम ने केंद्र पर उठाई उंगली

वाम दलों ने रेल बजट के बाद आर्थिक सर्वेक्षण के परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए सरकार को आगाह किया है कि उजली तस्वीर का दावा करने के बावजूद कृषि व औद्योगिक उत्पादन जैसे बुनियादी क्षेत्र की हालात चिंताजनक हैं। माकपा पोलित ब्यूरो सदस्य सीताराम येचुरी ने कहा कि सिर्फ सेवा क्षेत्र में मामूली रोजगार बढोतरी से कोई काम नहीं चलने वाला क्यों कि कृषि व औद्योगिक उत्पादन में लगातार गिरावट हो रही है। आम बजट पेश होने के एक दिन पहले माकपा ने कृषि व खाद्यान्न संकट का मुद्दा उठाया। पार्टी ने कहा कि देश में अमीरी- गरीबी के बीच खाई बढ़ते रहने से हालात बेकाबू हो सकते हैं। भाकपा महासचिव ए.बी.बर्धन ने 74 जीवनरक्षक औषधियों के दामों में बढोतरी के लिए वित्त मंत्रालय को कटघरे में खड़ा कर दिया। बर्धन ने एक बयान में कहा कि सरकार ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम में कीमतों में कमी लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा था, लेकिन उसकी गलत नीतियों की वजह से आम आदमी महंगाई की मार से बुरी तरह पिस रहा है।ड्ढr लोकसभा में भाकपा के नेता गुरुदास दासगुप्ता ने आरोप लगाया कि सरकार प्रस्तावित बजट घोषणाआें को पहले ही कांग्रेस के कैडर के जरिए मीडिया व जनता में लीक करवा रही है। लोगों को जो बातें आम बजट के माध्यम से संसद के भीतर से पता लगनी चाहिए, उनका कांग्रेस के लोग संसद के बाहर पहले ही बखान कर रहे हैं। दासगुप्ता की नजर में यह बजट की गोपनीयता को भंग करने के साथ ही संसद का भी अपमान है। दासगुप्ता ने मुंबई व महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय व गैर मराठी लोगों पर हमलों पर कांग्रेस की चुप्पी पर भी प्रहार किए। उनका कहना था कि अकेले उनके निर्वाचन क्षेत्र बंगाल के पंसकूरा में पांच हजार लोग महाराष्ट्र से भय के मारे लौट आए हैं।

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