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बड़े अस्पतालों में होगा गरीबों का मुफ्त इलाज

गंभीर एवं जानलेवा बीमारी से पीड़ित अनुसूचित जाति के गरीबों का इलाज भी बगैर खर्च नई दिल्ली स्थित एम्स, संजय गांधी स्नातकोत्तर संस्थान, लखनऊ समेत देश के स्तरीय अस्पतालों में हो सकेगा। सरकार चिह्न्ति समुदाय के मरीजों को चिकित्सा के दौरान लगनेवाली राशि देगी। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत डॉ. अम्बेदकर प्रतिष्ठान इसके लिए सहायता योजना बनायी है। प्रतिष्ठान के निदेशक जीएस राय ने जिलाधिकारी को योजना क्रियान्वित करने का निर्देश दिया है।ड्ढr ड्ढr अनुसूचित जाति के वैसे व्यक्ित जिसकी वार्षिक पारिवारिक आमदनी पचास हजार कम हो को योजना का लाभ मिलेगा। इसके लिए संबंधित व्यक्ित को आवेदन करना है। आवेदन के दौरान जाति प्रमाणपत्र,आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और योजना के अधीन अस्पताल एवं स्वास्थ्य अधीक्षक द्वारा विधिवत प्रमाणित इलाज का अनुमानित खर्चा संलग्न करना है। आवेदन को स्थानीय सांसद (लोक सभा या राज्य सभा) या जिलाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के सचिव से अग्रसारित कराना अनिवार्य है। निर्देश के अनुसार इलाज के कुल खर्च की 75 फीसदी राशि भुगतान संबंधित अस्पताल में किया जाएगा।ड्ढr ड्ढr योजना के तहत उपयरुक्त समुदाय के चिह्न्ति लोग एम्स के अलावा जबलपुर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र, वी. बरुआ कैंसर संस्थान गुवाहाटी, कलिंगा हॉस्पिटल भुवनेश्वर, टाटा कैंसर रिसर्च इन्स्टीच्यूट, निजाम इंस्टीच्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज हैदराबाद, द वॉलेन्ट्री हेल्थ सर्विसेज, चेन्नई समेत राज्य सरकार द्वारा पूर्णत: वित्त पोषित चिकित्सालयों में बिना विलंब शुल्क के इलाज करा सकेंगे। निर्णय के अनुसार योजना के तहत गुर्दा, हृदय, जिगर, कैंसर, मस्तिष्क, घुटने एवं रीढ़ की बीमारी सहित अन्य जानलेवा बीमारियों का इलाज होगा।

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