DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बजट बोले तो थोड़ा खुशी, थोड़ा गम

ेन्द्रीय वित्त मंत्री पी.चिदम्बरम का बजट थोड़ा खुशी, थोड़ा गम देने वाला साबित हुआ। महँगाई की मार से जूझ रहे राज्य कर्मचारियांे के आयकर की सीमा 1.10 से 1.50 लाख किया जाना ऊँट के मुँह में जीरा जैसा है। शुक्रवार को बजट पर टकटकी लगाए राज्य कर्मचारियों ने कहा कि बजट मंे लक्ष्मी की कृपा उन्हीं पर अधिक मेहरबान हुईं जिनसे मनमोहन सरकार को अगले चुनाव में अधिक लाभांश की आशा है।ड्ढr राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष अजय कुमार बाजपेयी ने कहा कि आयकर की धारा 80 सीसी मंे कोई नई घोषणा न होना काफी खला। टय़ूशन फीस को ही इससे अलग कर देना चाहिए था। जवाहर भवन व इंदिरा भवन कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सतीश कुमार पाण्डे व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामराज दुबे ने कहा कि पाँच लाख रुपए तक के आयकर की सीमा मंे कर की छूट स्वागत योग्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मायावती सरकार केन्द्र सरकार के छठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने पर उसकी धनवर्षा को प्रदेश कर्मियों पर भी बरसाने की कृपा करेंगी। उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह व सुधीर सक्सेना ने कहा कि बजट में उम्मीद थी कि भविष्य निधि पर 12 प्रतिशत ब्याज रखने की पहले से चल रही सुविधा को बहाल किया जाएगा। कर्मचारियों के हाथ सुरसा की तरह मुँह फैलाए महँगाई में खाली ही रह गए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ की महामंत्री कांति पाण्डे व वाणिज्य कर संघ के महामंत्री सुरेश यादव ने कहा कि आयकर की सीमा में महिलाआें को 1.80 लाख रुपए की छूट देना और वरिष्ठ नागरिकों को 2.25 लाख रुपए की छूट देने का निर्णय स्वागत योग्य है। जवाहर भवन के नेता यूपी सिंह व पंकज मल्होत्रा ने कहा कि अपने ही साथ आँगनबाड़ी कार्यकतर्््िायों के मानदेय में 500 रुपए की बढ़ोत्तरी की घोषणा को सुनकर अच्छा लगा। ड्ढr

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: बजट बोले तो थोड़ा खुशी, थोड़ा गम