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कुशासन न्याय में देरी का कारण : मु. न्यायाधीश

भारत के मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन ने कहा है कि अदालतों में लंबित मामलों का मुख्य कारण ‘कुशासन’ है।ड्ढr न्यायमूर्ति शनिवार को केरल के कोच्चि में ‘समय से न्याय दिलाने की तकनीक एवं उपाय’ विषय पर एक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कुशासन एवं कुप्रशासन लोगों को समय से न्याय मिलने की राह में सबसे बड़ी बाधा हैं। उन्होंने सदियों पुराने भूमि अधिग्रहण कानून का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि इस कानून के तहत पुरानी दर से मुआवजे की राशि तय की गई है। मुआवजे की उचित राशि के लिए लोगों को अदालत के चक्कर काटने पड़ते हैं। न्यायमूर्ति ने कहा कि मैंने सरकार को यही राय दी है कि भूमि अधिग्रहण मामलों में मुआवजे की उचित राशि तय करने के लिए जिला स्तर पर उच्च अधिकार प्राप्त समितियों का गठन किया जाए। ऐसा होने पर संभव है कि मात्र दस प्रतिशत मामले ही अदालत में आएं। वर्तमान में तो ऐसे सभी मामलों में लोग अदालत का दरवाजा खटखटाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था की वजह से अदालतों में लंबित मामलों का अंबार लगा रहाता है।

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