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खाद्य तेलों में उबाल से उपभोक्ता बेहाल

उफनती खाद्य तेलों की कीमतों को लेकर आम उपभोक्ता बेहाल है और सरकार ने यदि इनको काबू में करने के लिए तुरत-फुरत ठोस कदम नहीं उठाए तो आने वाले दिनों में दामों को रोक पाना उसके लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है। थोक बाजारों में पिछले एक सप्ताह में सरसों और सोयाबीन जैसी प्रमुख खाद्य तेलों की कीमतों में 600 से लेकर 1000 हजार रुपए प्रति क्िवंटल की भारी तेजी आ चुकी है। नित बढ़ी रही कीमतों को लेकर उपभोक्ता खासे परेशान हैं। बाजार सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में जो हालात है उसे देखकर इन कीमतों को काबू करना पाना बहुत मुश्किल लग रहा है। यही हाल रहा और सरकार ने जल्दी ही कोई ठोस कदम नहीं उठाए तो सरसों तेल और सोयाबीन जैसे पचने में हल्के साफ्ट तेलों की स्थिति बहुत खराब हो जाएगी। सूत्रों का कहना है कि काफी पहले से ही विश्व में इस वर्ष सोयाबीन के उत्पादन में कमी का अनुमान व्यक्त किया गया था। हालांकि चालू तेल वर्ष में देश में इसकी रिकार्ड पैदावार हुई किंतु वायदा बाजार में सट्टेबाजी का जोर रहने और जान बूझकर भाव अंतर्राष्ट्रीय स्तर से नीचे रखने के कारण पिछले कुछ महीनों में सोयाबीन तेल का आयात नगण्य रह गया और अब जब देश में सोयाबीन का स्टाक करीब-करीब निबट चुका है, तो विश्व बाजार की तेजी को देखते हुए खाद्य तेलों की कीमतों में तूफान मचा हुआ। स्थानीय थोक बाजार में खाद्य तेल से जुडे कारोबारियों के मुताबिक विश्व में इस वर्ष सोयाबीन का उत्पादन पिछले साल के साढ़े तेईस करोड़ टन की तुलना में डेढ़ से दो करोड़ टन कम होने का अनुमान व्यक्त किया गया था। सरकार की तरफ से जारी दूसरे अग्रिम अनुमानों के तहत देश में सोयाबीन का उत्पादन 2007-08 के दौरान पिछले साल के 88 लाख 50 हजार टन की तुलना में बढ़कर लाख 50 हजार टन होने का अनुमान व्यक्त किया गया है। कारोबारियों का कहना है कि ऐसे में यदि तेल वर्ष की शुरुआत से ही सही अनुमान लगाकर वायदा बाजार चलता तो आज यह स्थिति नहीं होती। खाद्य तेलों की ऊंची कीमतों को देखते हुए यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि बजट में आयात शुल्क में कमी हो सकती है, किंतु बजट पेश होने के बाद कीमतों को रोक पाना मुश्किल हो रहा है। शुक्रवार के कामकाज में वायदा बाजार में इतनी अधिक तेजी रही कि चार प्रतिशत का स*++++++++++++++++++++++++++++र्*ट ब्रेकर लगाना पड़ा।

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  • Web Title: खाद्य तेलों में उबाल से उपभोक्ता बेहाल