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वैज्ञानिक बनाएं कृषि रोड मैप

राज्यपाल रघुनंदन लाल भाटिया ने राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की ओर से योजना आयोग के सदस्य वीएल चोपड़ा को पीएचडी, एएसआरबी के अध्यक्ष डा.सीडी माई तथा वैज्ञानिक डा.के.एल.चड्ढा को डॉक्टरट ऑफ साइंस की मानद उपाधि दी। दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय का अतीत और भविष्य सुनहरा है।ड्ढr ड्ढr भारत कृषिप्रधान देश है। 70 फीसदी आबादी इसी पर निर्भर है। ऐसी स्थिति में कृषि वैज्ञानिकों को कृषि के विकास के लिए एक रोड मैप बनाने की जरूरत है, ताकि खाद्यान्न की बढ़ती जरूरत को पूरा किया जा सके। उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ गरीबी रखा के नीचे के लोगों को ऊपर उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक भूमिवार तथा फसलवार रणनीति तैयार करं। बिहार पर विशेष ध्यान की जरूरत है। यहां बाढ़ और सुखाड़ को देखते हुए प्लान तैयार करना होगा।ड्ढr ड्ढr उन्होंने छात्रों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आज सूचना तकनीक तथा वैश्वीकरण से विश्व का परिदृश्य बहल रहा है वे अपने आपको इसके लिए पूरी तरह तैयार रखें। भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार डा आर चिदम्बरम ने कहा कि देश की कृषि व्यवस्था सबसे बड़ी असंगठित प्राइवेट सेक्टर के रूप में है। यह दो तिहाई लोगों को काम मुहैया कराती है तथा जीडीपी में इसकी हिस्सेदारी 17.5 फीसदी है। इससे पूर्व राज्यपाल ने 28 छात्रों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की।

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