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धान खरीद पर केन्द्र के सौतेले व्यवहार से यूपी खफा

राज्य सरकार ने भारत सरकार से धान की सरकारी खरीद का समय बढ़ाने में बरते गए भेदभाव को लेकर एतराज जताया है। साथ ही राज्य सरकार के लिए भी धान खरीद का समय 31 मार्च तक बढ़ाने का अनुरोध किया है।ड्ढr धान की सरकारी खरीद आमतौर पर एक अक्तूबर से 28 फरवरी तक होती है। राज्य सरकार ने कई साल बाद इस बार धान खरीद बढ़िया की है। राज्य सरकार ने तय लक्ष्य 10 लाख मीट्रिक टन धान का दोगुना यानी 20 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। जानकार सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार के खरीद के इतने अच्छे आँकड़ों के बावजूद भारत सरकार ने भारतीय खाद्य निगम के लिए धान खरीद की समय सीमा में 31 मार्च तक बढ़ोतरी कर दी है जबकि राज्य सरकार के लिए खरीद का समय नहीं बढ़ाया। बहरहाल इससे खफा राज्य के खाद्य विभाग ने सोमवार को भारत सरकार से आपत्ति दर्ज कराई है। खाद्य विभाग के आला अफसरों ने भारत सरकार के अफसरों से कहा है कि या तो राज्य सरकार को भी 31 मार्च तक खरीद करने की छूट दी जाए या फिर भारतीय खाद्य निगम को भी यह सुविधा न दी जाए।ड्ढr उच्चस्तरीय सूत्रों के अनुसार, जहाँ तक बाजार में धान की आवक का सवाल है अब लगभग नगण्य ही है। हाँ, आढ़तियों से खरीद की संभावनाएँ अब भी इसलिए बनी हुई है क्योंकि आढ़तियों के ज्यादातर लाइसेंस प्रदेश की चावल मिलों के पास ही हैं। इनमें जरूर तमाम लोगों ने अपने यहाँ धान खरीद कर रखा हुआ है। इसी के चलते सरकारी खरीद का हाल यह बताया जा रहा है कि एक केन्द्रीय एजेंसी ने दो दिन में एक ही जिले में 75 हजार कुतल खरीद कर ली।

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  • Web Title: धान खरीद पर केन्द्र के सौतेले व्यवहार से यूपी खफा