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सरकार पर विपक्ष ने बोला करारा हमला

विपक्ष ने बजट को जनविरोधी करार देते हुए सरकार पर करारा हमला बोला। वित्तीय वर्ष 2008-0े आय-व्यय पर जारी सामान्य विमर्श के दौरान सोमवार को विपक्ष की तरफ से राजद के अब्दुलबारी सिद्दीकी ने मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि इसमें सिर्फ व्यापारियों के हितों का ख्याल रखा गया है और जिस तरह सामाजिक न्याय, कल्याणकारी योजनाओं और अल्पसंख्यक हितों की अनदेखी की गई है उससे जनता में सरकार की खलनायक की छवि उभरी है।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा-जद यू यदि अपने-अपने चुनावी घोषणापत्र के आईने में सरकार का चेहरा देखंे तो उन्हें खुद ही पता चल जाएगा कि यह ‘खुशनुमा’ है या ‘बदगवार’। सरकार के चुनाव घोषणा पत्र और बजट में कोई तालमेल नहीं है। वाद-विवाद के दौरान विपक्ष के हमले का जवाब सत्ता पक्ष की तरफ से भी दिया गया। कुछ मौके ऐसे भी आए जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बाहैसियत वित्त मंत्री उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को भी दखल देना पड़ा। बहस के दौरान दोनों तरफ से शोर-गुल और टोका-टोकी का भी दौर चला।ड्ढr ड्ढr श्री सिद्दीकी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक दल के नाते जनता से किए गए वायदे को पूरा करने में भाजपा-दज यू सरकार की इच्छा दिखाई नहीं देती। सरकार अपराध को रोकने में विफल रही है। सबके लिए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए बजट में कोई खास प्रावधान नहीं किया गया है। उद्योग मृतप्राय हैं और बुनकरों-कुम्हारों जैसे कमजोर वर्ग के लोगों की हालत खराब है।ड्ढr ड्ढr रचनात्मक सुधार या महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी कुछ नहीं हो रहा है। श्री मोदी के टोकने पर कि इन वायदों को दो नहीं बल्कि पांच साल में पूरा करने का वायदा किया गया है, श्री सिद्दीकी ने कहा कि अधीर मत होइए, सरकार के जवाब में यह सब बताइएगा। आर्थिक सर्वेक्षण के संदर्भ में श्री सिद्दीकी ने कहा कि ‘ह्यूमन एरर’ वाली यह सरकार कृषि वर्ष मना रही है मगर इसके लिए बजट में मात्र 2.1 फीसदी की राशि का प्रावधान किया गया है। सरकार कहती है कि ‘एक्चुअल बजट’ है और विधायकों को तीन-तीन चार-चार माह भत्ते के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने पुणे के एक अखबार के हवाले से बिहार में बढ़ते अपराध और पटना को हत्या के मामले में अव्वल करार दिया तो श्री मोदी ने उनसे अखबार का नाम बताने की चुनौती दी। शोर-शराबे के बीच श्री सिद्दीकी ने कहा कि राज्य का खजाना किसी की निजी जागीर नहीं है यह जनता का पैसा है। इसे लूटने की इजाजत नहीं दी जा सकती। श्री सिद्दीकी ने जब वैट के मामले में सरकार को आड़े हाथों लिया तब वित्त मंत्री ने कहा कि यह तो उनकी ही सरकार का लाया कानून है।ड्ढr ड्ढr जवाब में सिद्दीकी ने कहा कि मिठाई, घी और ड्राईफ्रूट पर करों में कमी करके जिस तरह व्यापारियों को फायदा पहुंचाया गया उसी तरह किसानों के हित में सरकार ने डीजल पर टैक्स क्यों नहीं घटाया। कांग्रेस के रामदेव राय ने केन्द्रीय बजट में किसानों के लिए ऋण माफी का प्रावधान करके संप्रग सरकार द्वारा राज्य सरकार से बाजी मार ले जाने की बात कही तो मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि लगे हाथ जरा यह भी बता दीजिए कि इससे कितने किसानों का कर्ज माफ होगा। भाजपा के विनोद नारायण झा ने कहा कि इस बजट से सरकार के विकास कार्यो को गति मिलेगी। बजट पर बहस में भाजपा के रामाधार सिंह, लोजपा के राम विनोद पासवान, बसपा के रामचंद्र सिंह यादव, माले के अरुण सिंह, समाजवादी पार्टी के गोपाल कुमार अग्रवाल और निर्दलीय प्रदीप कुमार ने भी हिस्सा लिया।ं

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