अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन बरकरार रखें

राज्यपाल आरएस गवई ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और अन्य पदाधिकारियों को वित्तीय अनुशासन बरकरार रखने और अंकेक्षण दल को ऑडिट करने में सहयोग करने का निर्देश दिया है। हाल में सूबे के विभिन्न विश्वविद्यालयों के अंकेक्षण में वित्तीय अनियमितताओं के खुलासे के मद्देनजर राज्यपाल का यह निर्देश काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।ड्ढr ड्ढr बुधवार को राजभवन में हुई इस बैठक में विश्वविद्यालयों के प्रतिकुलपति, वित्तीय सलाहकार और वित्त पदाधिकारियों ने भी भाग लिया। गत बैठकों में लिए गए निर्णयों के क्रियान्वयन के संबंध में विमर्श के दौरान राज्यपाल ने यूजीसी से प्राप्त राशि के सदुपयोग पर चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए राज्य के विश्वविद्यालयों को राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। श्री गवई ने शिक्षा और विश्वविद्यालय में अन्य सुधार के लिए यूजीसी से प्राप्त राशि का इस्तेमाल नियमानुकूल करने पर जोर दिया। उन्होंने ताकीद की कि विवि उपयोग की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र जरूर दें ताकि उसी के आधार पर उन्हें पुन: राशि मुहैया कराई जा सके। जानकारी के मुताबिक आरा के वीरकुंअर सिंह विवि को छोड़कर अन्य विश्वविद्यालयों के उपयोगिता प्रमाण पत्र की स्थिति ठीक नहीं रही है।ड्ढr ड्ढr बताया जाता है कि राजभवन से कुलपतियों के स्तर से भी कालेजों का औचक निरीक्षण कर वहां शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने, टय़ूशन पर रोक लगाने और परीक्षाओं में कदाचार रोकने का निदर्ेेश दिया गया। इसके साथ ही बैठक में शिक्षकों की नियुक्ित, उनकी प्रोन्नति, विवि में विधि पदाधिकारी की नियुक्ित, विवि में कार्यरत कर्मियों के बंटवारे, समय पर परीक्षा, पुस्तकालयों में कम्प्यूटर उपलब्ध कराने, शैक्षणिक कैलेंडर के पालन आदि मुद्दों पर भी विस्तार से विमर्श हुआ। इस मौके पर राज्यपाल के प्रधान सचिव एके नेगी, प्रधान शिक्षा सचिव अंजनी कुमार सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी (विवि) आर कृष्णकुमार और ओएसडी (न्यायिक) एमपी श्रीवास्तव मौजूद थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनुशासन बरकरार रखें