अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कर घटने से छोटी कारों का जलवा

पिछले कुछ महीनों से सुस्त पड़ी कार के बाजार में फिर से रंगत लौटने वाली है। वित्तमंत्री द्वारा बजट में छोटी कार पर उत्पाद शुल्क घटा दिए जाने से इस क्षेत्र में अब घमासान होनेवाली है। इससे पहले वित्तमंत्री ने 2006 के बजट में 4 मीटर लंबाई और 1200 सीसी पेट्रोल या 1500 सीसी डीजल क्षमता वाली कारों को छोटी कार की श्रेणी में रखा था और इस पर लगने वाले उत्पाद शुल्क को 24 फीसदी से घटाकर 16 फीसदी कर दिया था। इससे कार निर्माताआें को लागत कम करने में मदद मिली और कारों की बिक्री में जर्बदस्त उछाल आया। इसे देखकर कई विदेशी ऑटो कंपनियां भी छोटी कारों के निर्माण में उतर आयी। अब फिर संभावना है कि छोटी कारों का उत्पादन बढ़ेगा, इससे निर्यात बढ़ेगा और देश में विदेशी मुद्रा आएगी। लेकिन इससे ट्रैफिक की समस्या भी बढ़ेगी। सियाम के डीजी दिलीप चेनाय ने बताया कि वित्तमंत्री ने बजट में निर्माण क्षेत्र पर प्रमुखता से ध्यान दिया है, क्योंकि आíथक विकास में इसका योगदान सवर्ोपरि है। इसीलिए उन्होंने छोटी कार पर उत्पाद शुल्क 16 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दिया है। इस कदम से इसकी बिक्री बढ़ेगी और इकोनॉमी की रफ्तार भी। उन्होंने बताया कि करों की कटौती का असर कीमतों पर पड़ेगा और ज्यादा से ज्यादा लोग कार खरीदने की आेर आकर्षति होंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कर घटने से छोटी कारों का जलवा