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तब लखनऊ में भी दौड़ेगी मेट्रो

अभी यह एक सपना सरीखा ही है। लेकिन सब कुछ ठीक-ठाक चला तो आने वाले कुछ वषरे में सच भी हो सकता है। लखनऊ-कानपुर समेत प्रदेश के बड़े शहरों में मेट्रो रेल चलाने की संभावना का अध्ययन करने आई केन्द्रीय टीम ने पाया कि हाँ, यहाँ मेट्रो चलाई जा सकती है। लखनऊ-कानपुर में 60-60 किलोमीटर लंबी मेट्रो रेल की जरूरत बताई गई है।ड्ढr लखनऊ में बंथरा से इटौंजा और चिनहट तक मेट्रो रेल की संभावना देखी गई है। लेकिन अभी इस पर योजना बनाने के स्तर से ही काफी काम किया जाना है। लखनऊ, कानपुर समेत सभी महानगरों में दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (एमआरटीएस) लागू हो सकता है। ऐसा हुआ तो कानपुर, लखनऊ, आगरा, वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ और इलाहाबाद की परिवहन व्यवस्था और स्पीड पकड़ लेगी।ड्ढr इस योजना में मेट्रो रेल के अलावा सड़कों के चौड़ीकरण, नई रिंग रोड और फ्लाई आेवर बनाने के प्रस्तावों को भी शामिल किया गया है। इस योजना पर चर्चा करने और उसे अमली जामा पहनाने की कवायद मंगलवार को राजधानी में शुरू हुई। इसके लिए दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों तथा विभिन्न विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों की बैठक आवास बंधु में हुई। डीएमआरसी के निदेशक मंगू सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने अपने शहरों में एमआरटीएस का प्रस्ताव रखा है। अभी तक कोलकाता, मुम्बई, पुणे और हैदराबाद महानगरों ने डीएमआरसी को प्रस्ताव दिए थेड्ढr योजना को आने में चार साल लगेंगे : पृष्ठ 14ं

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