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सदन की विशेष कमेटी आंगनबाड़ी भ्रष्टाचार की करेगी जांच

आंगनबाड़ी केन्द्रों में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा में विपक्ष ने सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए जमकर हंगामा किया। कल्याण मंत्री रामेश्वर पासवान एवं संसदीय कार्य मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह की इस सफाई के बावजूद कि सरकार कार्रवाई कर रही है, सम्पूर्ण विपक्ष दो-दो बार वेल में आ गया। अंतत: हंगामा कर विपक्ष ने सदन की विशेष कमेटी से पूरे सूबे के आंगबाड़ी केन्द्रों के क्रियाकलापों की जांच करने की सरकार से घोषणा करवा ही डाली।ड्ढr ड्ढr विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने घोषणा की कि श्रीमती रेणु कुमारी की अध्यक्षता वाली सदन की विशेष कमेटी सूबे की सभी बाल विकास परियोजनाओं के क्रियाकलापों की जांच करेगी। दरअसल विपक्षी सदस्य विधानसभा अध्यक्षीय कार्यालय से आंगबाड़ी केन्द्रों की जांच करवाने को तैयार नहीं थे जबकि संसदीय कार्यमंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह बार-बार कह रहे थे कि सरकार आंगनबाड़ी केन्द्रों से संबंधित सभी फाइलें विधानसभा अध्यक्षीय कार्यालय को सौंप देगी और विधानसभा अध्यक्ष जो निर्णय देंगे सरकार उसे मानेगी। पर विपक्ष इस पर तैयार नहीं हुआ।ड्ढr ड्ढr राजद, लोजपा, कांग्रेस, भाकपा माले, माकपा, भाकपा, सपा, बसपा और निर्दलीय सदस्य किशोर कुमार मुन्ना, हरिभूषण ठाकुर बचौल, लालबाबू राय आदि सदस्यों ने वेल में जाकर जमकर सरकार विरोधी नारे लगाये। हालांकि भाजपा के भोला प्रसाद सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में कल्याण मंत्री रामेश्वर पासवान ने बताया कि 15 सीडीपीओ पर विभागीय कार्रवाई चल रही है और 4 को निलंबित किया गया है। 1आंनबाड़ी सेविकाओं पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक महिला पर्यवेक्षक गिरफ्तार हुई है। 264 आंनबाड़ी सेविकाओं को हटाया गया है। तीन मुखियों के अलावा तीन सरपंच एवं एक वार्ड सदस्य भी हटाये गये हैं। उन्होंने कहा कि निगरानी समिति गठित की गई है और राज्य उड़नदस्ता लगातार निरीक्षण कर रहा है। राजद के संजय कुमार गुप्ता के तारांकित प्रश्न के जवाब में श्री पासवान ने कहा कि शिवहर के तरियानी प्रखंड में 20 दिनों में सीडीपीओ की तैनाती कर दी जाएगी।ड्ढr ड्ढr सरकार समर्थक विधायकों ने ही कई मसलों पर किया बवालड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। विधानसभा में सवाल पूछने के मामले में विपक्ष का काम सत्ता पक्ष ही कर रहा है और कई बार तो सरकार समर्थक विधायक ही मंत्रियों की घेराबंदी करते हैं और इसके बाद विपक्ष के सदस्य उनके साथ ताल में ताल मिलाकर खड़े हो जाते हैं। मंगलवार को विधानसभा में जितने सवाल पूछे गए उनमें न केवल सत्ता पक्ष के विधायकों के अधिकतम सवाल थे बल्कि सरकार समर्थक विधायकों ने ही कई मसलों पर बवाल शुरू किया और बाद में विपक्ष के सदस्य उसमें शामिल हो गए। कई बार बेल में पहले सरकार समर्थक विधायक पहुंचे और बाद में राजद के सदस्य भी उनके साथ खड़े हो गए। नारेबाजी करने में भी सरकार समर्थक विधायक आगे रहे। मंगलवार को विधानसभा में पांच अल्पसूचित प्रश्न पूछे गए और इनमें तीन सत्तापक्ष के विधायकों के सवाल थे। इसी तरह सदन में कुल 82 तारांकित प्रश्न पूछे गए थे जिनमें सत्ताधारी दल के विधायकों ने 35 सवाल पूछे थे। राजद और कांग्रेस के सदस्यों के 33 सवाल थे। कई बार तो सत्ताधारी दल के विधायकों के सवाल को विपक्ष के सदस्यों ने पकड़ा। भाजपा की आशा देवी ने प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के भवन निर्माण के मसले पर सरकार को घेरा तो विपक्ष की आेर से जगदानंद भी खड़े हो गए। आशा देवी के सवाल को लेकर उन्होंने मंत्रीजी को कठघरे में भी खड़ा किया। इसी तरह सीडीपीआे के मसले पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाला सवाल भी भाजपा के भोला प्रसाद सिंह का ही था। सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक किशोर कुमार मुन्ना, हरिभूषण ठाकुर और नरेन्द्र कुमार सिंह कई मसलों पर विपक्ष के विधायकों से ज्यादा हमलावर तेवर में दिखाई दिए। कई बार ये विधायक माले और लोजपा के विधायकों के साथ वेल में पहुंचे और नारेबाजी की। बाद में राजद के लोग उनकी मदद में वेल तक आए।

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