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बजट की मार : रोटी महंगी, दाल पतली

खाद्य पदाथरे की चढ़ती और बढ़ती कीमतों से आम और खास लोगों को फिलहाल कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं। दिनों-दिन सब्जी से सरसों तेल की सुगंध और जीरे की छौंक गायब होती जा रही है। आटा-दाल के भाव ने लोगों के घरेलू बजट को पिछले कई महीने से बिगाड़ रखा है। बजट आने से पहले राहत की उम्मीद थी। लेकिन लोगों की परेशानियों का अंत होता नहीं दिख रहा।ड्ढr ड्ढr पिछले पांच दिनों में सबसे ज्यादा तेजी सरसों तेल में देखी गई है। पिछले हफ्ते 72 से 75 रुपए प्रति लीटर बिक रहा सरसों तेल अभी 80 रुपए लीटर बिक रहा है। इसी दौरान रिफाइंड की कीमत में भी पांच रुपए की वृद्धि हुई है। 70 रुपए बिक रहा रिफाइंड 75 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। आटा की कीमतों में भी प्रति किलो एक रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आटा अब 80 की बजाए 85 रुपए प्रति पांच किलो बिक रहा है। चावल के भाव में चार रुपए की तेजी दर्ज की गई है। बासमती चावल अब 22 रुपए प्रतिकिलो बिक रहा है। जबकि अरहर और चना दाल में दो रुपए प्रति किलो की तेजी आई है।ड्ढr ड्ढr मसालों के दाम में भी वृद्धि हुई है। 60 रुपए प्रति किलो बिक रहा मिर्च 70 रुपए और 50 रुपए प्रति किलो बिक रहे हल्दी का भाव 55 रुपए प्रति किलो है। इस दौरान काली मिर्च का भाव 200 रुपए से 230 और धनिया 55 से बढ़ कर 65 रुपए प्रति किलो हो गया है। जीरा के भाव में भी 20 रुपए की तेजी देखी गई है। अभी तक 130 रुपए प्रति किलो बिक रहा जीरा 150 रुपए बिक रहा है।ं

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