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शीबू का ब्लू फिल्म की सीडी बनवाना था शौक

पैसे की कमी नहीं पर शौक की पूर्ति के लिए अत्याधिक पैसे कमाने की लत लग गई। धीरे-धीरे उसने नवीं क्लास तथा उससे सीनियर छात्रों के साथ दोस्ती की। उन्हें पहले तो वह रेस्तरां का खर्च देने लगा और फिर नवयुवकों को अपराध के दलदल में ढकेल दिया। जी हां, हम बात कर रहे हैं राजधानी के बिगड़ैल रईस और तीन दर्जन से अधिक अपराधी गिरोह का संचालक राजेन्द्रनगर निवासी सुभ्रांत उर्फ शिबू की । मास्टर माइंड शिबू अपने धंधे में चार चांद लगाने के लिए अपने गुगरे को शहर की मासूम बालाआें को फांसने की जिम्मेवारी देता था। मौजमस्ती करने के शौकीन ये युवक पहले सुन्दरियों को रेस्तरां की सैर कराते थे।ड्ढr ड्ढr उसके बाद शहर के महत्वपूर्ण पिकनिक स्पॉटों पर जाकर शिकंजे में आई किशोरियों को नशे की लत लगाते थे। दिलचस्प बात यह है कि इन सभी गतिविधियों की मॉनीटरिंग स्वयं शिबू करता था। युवतियों को नशे की लत लग जाने पर शिबू तथा उनके चेले इनके साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने के दौरान ब्लू फिल्म बनाते थे।ड्ढr इन ब्लू फिल्मों की रंगीन सीडी को शिबू मोटी रकम में बाजार में बेच देता था। सोमवार को राजधानी पुलिस ने जब शिबू गिरोह के आठ गुगरे को दबोचा तो उनलोगों ने बताया कि जब शिबू की जाल में फंसी बालाएं दोबारा ब्लू फिल्म बनाने से इंकार करतीं थीं तो उन्हें पहले बने रंगीन सीडी को दिखाकर उसे ब्लैकमेल किया जाता था।ड्ढr ड्ढr टाउन डीएसपी संजय सिंह ने बताया कि सूबे के कई इलाकों में शिबू का नेटवर्क है। उन्होंने बताया कि गिरोह के लगभग तीन दर्जन अपराधी हत्या, लूट , डकैती, चोरी, मारपीट , बलात्कार, राहजनी सहित कई संगीन अपराध में संलिप्त है। जांच प्रभावित न हो जाए इसी वजह से डीएसपी ने वह स्पॉट नहीं बताया जहां ब्लू फिल्म की सीडी बनाई जाती है। बहरहाल राजधानी की पुलिस ने शिबू तथा उनके अन्य तीन दर्जन गुगोर्ं को शिकंजे में लेने के लिए मुहिम को तेज कर दी है। पुलिस उन लड़कियों को भी तलाश करने में जुटी है जिसके साथ अपराधी ब्लू फिल्म बनाते थे।ं

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  • Web Title: शीबू का ब्लू फिल्म की सीडी बनवाना था शौक