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समय कम पर संभव है एटमी डील : यूएस

संयुक्त राज्य अमेरिका ने बुधवार को कहा है कि भारत के साथ असैन्य परमाणु करार को लागू करने में समय की भारी किल्लत है, लेकिन अभी भी इसे अंतिम रूप से कांग्रेस से मंजूर करवाया जा सकता है, अगर जुलाई तक इसे कांग्रेस के समक्ष पेश कर दिया जाए। उल्लेखनीय है कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनााव नवंबर में होना है। वर्तमान सरकार का मानना है कि इसे जल्द से जल्द कांग्रेस में मंजूरी के लिए भेजा जाना चाहिए। अमेरिका के सह सचिव रिचर्ड बाउचर ने कहा है कि अभी भी करार को अंतिम रूप दिए जाने के लिए काफी कुछ किया जाना है। सबसे पहले भारत को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) से सुरक्षा संबंधी मानकों पर सहमति स्थापित करनी है। इसके बाद भारत को 45 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता देश (एनएसजी) से सहमति प्राप्त करनी होगी। उन्होंने कहा कि समय काफी कम है, लेकिन मुझे आशा है कि यह जल्द से जल्द हो जाएगा। भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को संसद लोकसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर अधिक से अधिक सहमति बनाने के लिए प्रयासरत है। उल्लेखनीय है कि वाम दल समेत प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी करार का विरोध कर रही है। इनका मानना है कि इस करार से भारत की संप्रभुता खतरे में पड़ जाएगी।

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