DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

राजरंग

मुहल्लवा का नाम केतना बढ़िया है, पुरानी पुलिस लाइन, लेकिन एगो नेता देवे भर पावर नहीं। नाम पुलिस जइसा और पावर..! इ मुहल्ला का एको आदमी न मेयर बनना चाहता है, न डिप्टी मेयर और न ही पार्षद। पूरा क्रांतिकारी टाइप का मुहल्ला है, नेता एको नहीं, सब वोटरे हैं। 200 परिवार हैं, इस मुहल्ला में। समझिये कि थोक वोट है। जिधर गिर जाये, रिजल्टवा तये हो जायेगा। अब हाल इ है, सब नेता लोग के लार इहे मुहल्लवा के देख के टपक रहा है। जवने बहाना मिले, मुहल्ला के लोग के खुश कर लेना है। शिवरात्रि के दिन यहां के शिवाला पर भी खूब भीड़-भड़क्का जुटा। पर शिव जी से जादे चुनावे का चर्चा होती रही। एक प्रत्याशी बोले, भाई जी, पूजा हो रही है, तो पता भी चलना चाहिए। चलिये शाम को कीर्तन भी कीजिये। भांग-धतूरा, ठंडई वगैरह की फिक्र नहीं, मैं हूं न! कुछ देर बाद दूसरा उम्मीदवार आया। कहा भइया भोग भी लगेगा न। खीर का भोग लगे। दूध मेरी ओर से। अगल- बगल के अन्य उम्मीदवार भी टूट पड़े। कोई मजदूर लगा कर सफाई कराने लगा। कोई चंदा देने लगा। देखते-देखते भव्य पूजा की तैयारी हो गयी। शाम को भजन संध्या भी हुई। कार्यक्रम के दौरान कई प्रत्याशी भी मौजूद थे। बेचारे भक्त लोग अलगे परेशान थे, उ शिव जी को खोज रहे थे और उहां नेता जी भेंटा रहे थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: राजरंग