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ग्रामीण विकास को लेकर पर्सपेक्िटव प्लानिंग वर्कशॉप शुरू

पर्सपेक्िटव प्लानिंग के मामले में सबसे अहम है तय की गयी बातों के ससमय क्रियान्वयन की, तभी हमें पता चलता है कि हम कहां हैं। और बेहतर करने के इंतजार में अक्सर समय निकल जाता है। उक्त बातें ट्राइबल वेलफेयर कमिश्नर कमल किशोर सोन ने कहीं। वे पांच मार्च को पर्सपेक्िटव प्लानिंग वर्कशॉप में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। वर्कशॉप का आयोजन बिझान सोशल सर्विस सोसाइटी के तत्वावधान में एसडीसी सभागार मंे किया गया है।ड्ढr चार दिनी इस कार्यक्रम में झारखंड के सर्वागीण विकास के लिए ग्रास रूट स्तर पर पूर्व योजना तैयार की जायेगी। इसमें चर्च के माध्यम से आदिवासियों के बीच विकास का लक्ष्य निर्धारित किया जायेगा।ड्ढr इससे पूर्व बिझान एसएसएस के निदेशक अगस्टीन टोपनो ने कार्यक्रम में शामिल आठ डायसिस से आये प्रतिनिधियों का परिचय कराया। अलर्ट के निदेशक फादर साबरी मत्थू ने काथलिक कलीसिया में कार्यरत विभिन्न संगठनों के प्रयासों पर जानकारी दी। बिझान बिशप्स कौंसिल के चेयरमैन बिशप चार्ल्स सोरेंग ने झारखंड में आदिवासियों की स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और संस्कृति पर प्रकाश डाला।ड्ढr दूसरे सत्र में प्रो रमेश शरण ने झारखंड के आर्थिक विकास के लिए जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता, बायो रिसोर्स, वोकेशनल ट्रेनिंग आदि की बात कही। कार्यक्रम में बिशप गैबरियल कुजूर, बिशप जूलियस मरांडी, बिशप फेलिक्स, बिशप विंसेट बरवा सहित डालटनगंज, दुमका, गुमला, हजारीबाग, रांची, जमशेदपुर, खूंटी और सिमडेगा से पुरोहित, धर्मबहनें और विकास संस्थाआें के प्रतिनिधि शामिल हुए।विकास का विजन इंसानियत और फोकस इंसान हो : कार्डिनलड्ढr रांची। झारखंड पर्सपेक्िटव प्लानिंग वर्कशॉप में उपस्थित कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो ने कहा कि विकास के लिए हमारा विजन इंसानियत और फोकस इंसान होना चाहिए। विकास सबके लिए जरूरी है, जिसमें कोई जाति-धर्म नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने शांति, ज्ञान, एकता, समेकित विकास की अवधारणा, सही और अनुशासित कार्यप्रणाली, बजटिंग, मॉनेटरिंग, मूल्यांकन और युवाआें के बीच से नशापान को दूर करने की बात कही।ं

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  • Web Title: ग्रामीण विकास को लेकर पर्सपेक्िटव प्लानिंग वर्कशॉप शुरू